मध्य प्रदेश के रायसेन किले से कुछ मुस्लिम युवकों द्वारा तोप चलाए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक किले की पहाड़ी पर खड़े होकर ‘अल्लाह-हू-अकबर’ और ‘हम ईरान का साथ देने जा रहे हैं’ जैसे नारे लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
वायरल वीडियो में एक युवक माचिस से तोप में आग लगाता दिखा जिसके बाद जोरदार धमाके के साथ तोप चल गई, जिससे आसपास का इलाका धुएँ से भर जाता है। वीडियो में वॉइस ओवर और बैकग्राउंड म्यूजिक भी जोड़ा गया है। इस मामले में रायसेन कोतवाली पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
रायसेन किले से तोप चलाने का वीडियो वायरल, चार आरोपित गिरफ्तार
वायरल वीडियो में चार युवक रायसेन के ऐतिहासिक किले की पहाड़ी पर खड़े नजर आते हैं। नारेबाजी के बाद एक व्यक्ति तोप के पास जाकर माचिस से आग लगाता है, जिसके बाद जोरदार धमाके के साथ तोप चलती है। वीडियो में सामने पूरा शहर दिखाई देता है और धमाके के बाद आसपास का इलाका धुएँ से भर जाता है।
बताया जा रहा है कि यह वीडियो दो अलग-अलग समय पर बनाए गए क्लिप को जोड़कर तैयार किया गया है। इसे सोशल मीडिया पर इस तरह से पेश किया गया कि मानो किसी खास मकसद से तोप चलाई गई हो। वीडियो तेजी से वायरल हुआ और हजारों लोगों ने इसे देखा जबकि बड़ी संख्या में लोगों ने इसे शेयर और कमेंट भी किया।
इस मामले में रायसेन के पटेल नगर निवासी बृजेश चावरिया की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया। शिकायत में कहा गया कि वीडियो में आपत्तिजनक नारे लगाए गए, जिससे हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाएँ आहत हो सकती हैं और शहर का माहौल बिगड़ सकता है। पुलिस ने सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 के तहत मामला दर्ज किया।
पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें रायसेन के शादाब कुरैशी, भोपाल के युसूफ शेख, वसीम मोहम्मद और पप्पू उर्फ सलमान कुरैशी शामिल हैं।
मध्यप्रदेश के रायसेन में पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित क़िले की सफ़ील से आवासीय बस्ती के ऊपर देसी अवैध तोप चलाकर जनजीवन को ख़तरे में डाल रहे यह शोहदे ईरान और रमजान के नाम पर भय फैला रहे हैं।
— प्रियंक कानूनगो Priyank Kanoongo (@KanoongoPriyank) March 7, 2026
यहीं स्थित महादेव के मंदिर में हिंदुओं को दर्शन करने से बड़ी मुस्तैदी से रोकने वाले… pic.twitter.com/I5CFQzRfMF
हालाँकि वायरल वीडियो पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित किले से रिहायशी इलाके की ओर तोप चलाना खतरनाक है और इससे लोगों की जान को खतरा हो सकता है। उन्होंने आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया और स्थानीय प्रशासन से इस मामले में कार्रवाई करने की माँग की है।

