नोएडा में हिंसा करने वाले नहीं थे ‘कर्मचारी’: UP पुलिस ने किया खुलासा- 66 गिरफ्तारियों में से 45 निकले बाहरी, CM योगी ने उपद्रवियों के पोस्टर सार्वजनिक करने का आदेश दिया

नोएडा हिंसा मामले में यूपी पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया है कि आगजनी और पथराव करने वाले ज्यादातर लोग फैक्ट्री के मजदूर नहीं, बल्कि बाहरी थे। अब तक हुई 66 गिरफ्तारियों में से 45 लोग बाहरी पाए गए हैं। इस खुलासे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपद्रवियों के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

पुलिस जाँच के अनुसार, 13 अप्रैल को हुई हिंसा में श्रमिकों को भड़काने और आगजनी करने के लिए एक संगठित नेटवर्क ने काम किया। गिरफ्तार किए गए लोगों में से कई के तार ‘मजदूर बिगुल’ और अर्बन नक्सल नेटवर्क से जुड़े होने का शक है।

हैरानी की बात यह है कि आगजनी के लिए पहचाने गए 11 आरोपितों में से 8 और हिंसा भड़काने वाले 19 में से अधिकांश आरोपित कर्मचारी नहीं निकले। ये लोग खुद को मजदूर बताकर भीड़ में शामिल हुए और माहौल बिगाड़ा।

CM योगी के सख्त निर्देश: फोटो होंगे सार्वजनिक

मामले की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि जो लोग मजदूर नहीं हैं लेकिन हिंसा में शामिल रहे, उनकी तस्वीरें सार्वजनिक स्थानों पर लगाई जाएँ।

सीएम योगी ने सोशल मीडिया की निगरानी बढ़ाने और अफवाह फैलाने वालों पर तुरंत एक्शन लेने को कहा है। सीएम ने स्पष्ट किया कि असली मजदूरों के हितों की रक्षा की जाएगी, लेकिन बाहरी साजिशकर्ताओं के खिलाफ ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। फिलहाल पुलिस फंडिंग और इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जाँच कर रही है।