संसद में महिला आरक्षण बिल, परिसीमन बिल समेत 3 बिल पर बहस के दौरान समाजवादी पार्टी सांसद अखिलेश यादव और गृहमंत्री अमित शाह के बीच तीखी नोंकझोंक देखने को मिली।
अपनी पार्टी की सभी सीटें मुस्लिम महिलाओं को दे दें- शाह
मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण देने की माँग को ठुकराते हुए गृहमंत्री शाह ने अखिलेश यादव पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी चाहे तो मुस्लिम महिलाओं को अपनी पार्टी की सारी टिकटें दे दें, इस पर सरकार को कोई एतराज नहीं होगा।
Samajwadi Chief #AkhileshYadav was trying to sound cool but got instant belt-treatment from HM Shah.
— Amitabh Chaudhary (@MithilaWaaala) April 16, 2026
“Samajwadi Party saari tickets Muslim mahilaon ko de de, humein kya aapatti hai?” 😂#Loksabha #LoksabhaSession pic.twitter.com/91qwFdABLZ
दरअसल अखिलेश यादव ने सदन में मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण देने का मुद्दा उठाया था। इस पर गृहमंत्री शाह ने कहा कि भारतीय संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण देने की कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि मुस्लिमों को आरक्षण देने के ऐसे किसी भी माँग को सरकार स्वीकार नहीं करेगी।
अखिलेश यादव ने तीनों बिल की टाइमिंग पर भी सवाल उठाया और सरकार से पूछा कि सरकार जनगणना 2027 के पूरा होने का इंतजार क्यों नहीं कर रही है। उन्होंने समाजवादी पार्टी की जाति जनगणना की माँग भी दोहराई।
इस पर गृहमंत्री अमित शाह ने साफ किया कि जनगणना की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। घरों की लिस्टिंग का काम अभी चल रहा है। उन्होंने साफ कहा कि आने वाली जनगणना में जाति का कॉलम शामिल होगा। इससे जाति का डेटा भी पता चल जाएगा।
विपक्ष ने सब-कोटा पर चिंता जताई
बहस के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि बिल संविधान की ‘बेसिक स्पिरिट’ को कमजोर करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी तब तक इस कानून का सपोर्ट नहीं करेगी, जब तक इसमें OBC और मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग से प्रावधान शामिल न हों।
बहस के दौरान लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने घोषणा की कि महिलाओं के कोटा कानून में बदलाव और परिसीमन कमीशन के गठन से संबंधित तीन बिलों पर वोटिंग शुक्रवार को शाम 4 बजे होगी। इन विधेयकों पर बहस 15 से 18 घंटे तक चलने की उम्मीद है।

