नोएडा में मजदूर आंदोलन के नाम पर हिंसा भड़काने वाले मुख्य आरोपित आदित्य आनंद को यूपी STF ने तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया है। एक लाख रुपए के इनामी आदित्य पर आरोप है कि उसने ‘मजदूर बिगुल दस्ता’ संगठन के जरिए फैक्ट्रियों में घूम-घूमकर मजदूरों को भड़काया और नोएडा में जमकर तोड़फोड़ व आगजनी करवाई।
B.Tech पास यह आरोपित घटना के बाद से ही फरार चल रहा था, जिसकी तलाश में पुलिस की 6 टीमें जुटी हुई थीं। पुलिस जाँच में सामने आया है कि आदित्य आनंद ने अपने साथियों रूपेश राय और मनीषा के साथ मिलकर 9 और 10 अप्रैल को कई वॉट्सएप ग्रुप बनाए थे।
#BREAKING: STF has arrested Aditya Anand, alleged mastermind of the labour violence, from Tiruchirappalli in Tamil Nadu. A reward of Rs 1 lakh had been announced by Noida Police for his arrest after the violence.
— IANS (@ians_india) April 18, 2026
(Source: Noida Police) pic.twitter.com/fy7tbsxoRd
इन ग्रुप्स में क्यूआर (QR) कोड के जरिए प्रदर्शनकारियों को जोड़ा गया और उन्हें सड़कों पर उतरकर हिंसा करने के लिए उकसाया गया। आदित्य खुद एनआईटी (NIT) जमशेदपुर से पढ़ा हुआ है और उसने अपनी तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल भीड़ को इकट्ठा करने और भड़काऊ भाषण देने में किया।
पाकिस्तान कनेक्शन और अंतरराष्ट्रीय साजिश
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि नोएडा की इस हिंसा के पीछे अंतरराष्ट्रीय साजिश के संकेत मिले हैं। जाँच में पता चला है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर दो सक्रिय हैंडल पाकिस्तान से चलाए जा रहे थे।
वीपीएन (VPN) का इस्तेमाल कर लोकेशन छिपाई गई थी और पिछले 3 महीनों से आईपी एड्रेस पाकिस्तान से जुड़े हुए थे। इनका मकसद नोएडा में कानून-व्यवस्था बिगाड़ना और मजदूरों को हिंसा के लिए उकसाना था।

