गुजरात के रायधनपर में पहले काटी गई बिजली, फिर हिंदुओं पर हुआ सुनियोजित हमला: ऑपइंडिया के खुलासे पर बिजली कंपनी ने दर्ज कराई FIR

गुजरात के कच्छ के रायधनपर गाँव में हिंदुओं पर हुए हमले को मेनस्ट्रीम मीडिया ने दो गुटों के बीच झड़प बताकर हिंसा की एक साधारण घटना के रूप में पेश किया, वहीं OpIndia ने रिपोर्ट किया कि यह घटना एक पूर्व नियोजित हमले का हिस्सा थी और गाँव की बिजली काट दिए जाने के बाद इसे अंजाम दिया गया था।

अब इस जानकारी की पुष्टि हो गई है। पश्चिम गुजरात विद्युत कंपनी लिमिटेड (PGVCL) ने माधापार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है कि कट्टरपंथियों ने जानबूझकर गाँव की लाइन काटी थी। सामने आया है कि रायधनपर में बिजली कटौती और हमले की अवधि एक ही समय पर हुई। जिसके चलते अब इस पूरी घटना की जाँच में एक नया मोड़ आ गया है।

क्या है पूरा मामला?

29 मई 2026 की रात को रायधनपर गाँव में हिंदुओं पर हमला हुआ। पड़ोसी गाँव वर्नोरा से आए मुस्लिमों के एक गिरोह ने बिजली काटकर हमला शुरू कर दिया। गाँव के एक युवक दर्शन बरड़िया की शिकायत के अनुसार, गाँव के पुजारी से कहासुनी के बाद पड़ोसी गाँव वर्नोरा के मुस्लिमों से विवाद हो गया।

शुरुआती कहासुनी के बाद आरोपित वहाँ से चले गए, लेकिन कुछ समय बाद वे और लोगों के साथ वापस आ गए। रजाक सिद्दीक मेर समेत कुछ आरोपितों ने तेज रफ्तार से बोलेरो गाड़ी चलाकर ग्रामीणों को कुचलने की कोशिश की। इसके बाद और लोगों को बुलाया गया और कई गाड़ियों में सवार भीड़ मौके पर पहुँच गई।

उनके पास लाठी, पाइप और पत्थर थे। इसके बाद गाँव में अंधेरा छा गया और मुस्लिमों ने हमला शुरू कर दिया। FIR के अनुसार, इस घटना में दर्शन बरड़िया और राजेश चावड़ा समेत कई लोग घायल हो गए। हिंसा की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची, लेकिन पुलिस वाहनों को भी निशाना बनाया गया।

इसके बाद, माधापर पुलिस ने 23 नामजद आरोपितों और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

FIR में क्या आया सामने?

इस पूरे मामले में सबसे अहम बात बिजली विभाग की शिकायत है। PGVCL के भुज ग्रामीण उपखंड के डिप्टी इंजीनियर वीके सुवेरा ने माधापर पुलिस थाने में बिजली अधिनियम 2003 की धारा 140 के तहत शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला भी दर्ज कर लिया है।

शिकायत में कहा गया है कि 29 मई 2026 की रात करीब 10:30 बजे से 11:15 बजे के बीच रायधनपर और नाना वरनोरा के बीच स्थित 11 केवी बिजली लाइन में जानबूझकर व्यवधान पैदा किया गया था। इसके चलते रायधनपर सब-स्टेशन के KVNT-1 फीडर से जुड़े गाँवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई थी।

ऑपइंडिया से बातचीत में PGVCL के अधिकारी और शिकायतकर्ता वर्गीस सुवेरा ने बताया कि रात 10:30 से 11:15 बजे के दौरान शिकायत मिली थी कि राधनपुर समेत पाँच गाँवों में बिजली बंद हो गई है। इसके बाद उन्होंने स्टाफ को सब-स्टेशन से बिजली बंद करके दोबारा शुरू करने का निर्देश दिया, लेकिन बिजली वापस नहीं आई।

फिर लाइनमैन और अन्य कर्मचारी मौके पर पहुँचे और जाँच शुरू की। जाँच में पता चला कि वरनोरा और रायधनपर के बीच की बिजली लाइन पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने कुछ फेंककर लाइन में व्यवधान पैदा किया था। ऑपइंडिया ने अपनी ग्राउंड रिपोर्ट में पहले ही दावा किया था कि हमले से पहले इलाके की बिजली काट दी गई थी।

बातचीत के दौरान कुछ हिंदू संगठनों ने भी आरोप लगाया था कि हमलावरों ने पहले गाँव की बिजली बंद की और फिर हमला किया। अब PGVCL की शिकायत में बिजली लाइन से छेड़छाड़ का जिक्र होने के बाद इस मामले को लेकर एक नया तथ्य सामने आया है, जिसकी जाँच पुलिस कर रही है।