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गाँव की बिजली काटकर इस्लामी भीड़ ने हिंदू परिवारों पर किया हमला, पुलिस पर भी पत्थर बरसाए: गुजरात के कच्छ का मामला, 23 के खिलाफ FIR

हाल ही में गुजरात के कच्छ जिले के रायधनपार गांव में एक मामूली विवाद को लेकर पास के गाँव से आए मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हिंदुओं पर हमला किया। इस घटना में कई लोग घायल हो गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है और जाँच जारी है।

गुजरात के कच्छ जिले के माधापार पुलिस स्टेशन के रायधनपार गाँव में पड़ोसी गाँव के कुछ लोगों ने मामूली कहासुनी के बाद हिंदू समुदाय के लोगों पर हमला कर दिया। यह घटना 30 मई 2026 की रात को हुई। शिकायत के मुताबिक, हमलावरों ने पहले गाँव की बिजली बंद कर दी और फिर पहले से प्लान बनाकर हमला किया। इस हिंसा में कई हिंदू युवक और पुलिसवाले घायल हो गए।

स्थानीय हिंदू युवक दर्शन बरडिया की शिकायत के आधार पर माधापार पुलिस ने 23 नामजद लोगों और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की है।

क्या है मामला

FIR और शिकायतकर्ता दर्शन बरडिया ने ऑपइंडिया को बताया कि घटना 30 मई की रात करीब 10:30 बजे शुरू हुई, जब वह और उसके दोस्त गाँव के बाहरी इलाके में बैठे थे। पड़ोस के वरनोरा गाँव के मुस्लिम युवकों का एक ग्रुप उनके गाँव पहुँचे। इनमें सलीम, अबू सुफियान, साहिल, अब्बास, समीर और अन्य शामिल थे। उन्होंने गाली-गलौज देते हुए धमकी की और कहा, “तुम हमें क्यों घूर रहे हो? अगर तुमने दोबारा देखा, तो हम तुम्हें पीटेंगे।”

यह बहस जल्द ही हाथापाई में बदल गई। इस दौरान, रजाक सिद्दीकी नाम का एक आदमी बोलेरो पिकअप गाड़ी में आया और हिंदू युवकों के साथ लड़ाई में शामिल हो गया। फिर वह चला गया। वह यह दिखाने की कोशिश कर रहा था कि मामला खत्म हो गया है। हालाँकि यह एक बड़ी घटना की शुरुआत थी।

जब गाँव वाले झड़प के जवाब में इकट्ठा हुए, तो रजाक फिरोज रजक मेमन, शोएब सिद्दीकी मोखा, अमन करीम मेमन, अकरम जुसब मेमन, माजिद इब्राहिम केवरा और दूसरे लोगों के साथ वापस आ गया। बताया जाता है कि उन्होंने इकट्ठा हुए गाँव वालों की तरफ तेज रफ्तार में बोलेरो चलाई, ताकि उन्हें कुचल सकें। हालाँकि गाँव वाले किसी तरह हट गए, लेकिन गाड़ी एक खड़ी मोटरसाइकिल से टकरा गई। FIR में इसे हत्या की कोशिश के तौर पर दर्ज किया गया है।

मुस्लिम युवकों ने हथियारों से हमला किया

इस दौरान आरोपितों ने और लोगों को बुलाया। जल्द ही वर्नोरा गाँव से बड़ी संख्या में मुस्लिम मोटरसाइकिल और दूसरी गाड़ियों पर लाठी, पाइप, पत्थर और दूसरे हथियारों से लैस होकर आ गए। हनीफ, उमर, रेहान, दाऊद, एजाज, आफताब, अल्ताफ और दूसरे लोगों को लेकर एक और बोलेरो भी मौके पर पहुँच गई।

शिकायत के मुताबिक, भीड़ ने पहले बिजली के खंभे पर तारों से छेड़छाड़ करके पूरे गाँव की बिजली काट दी। फिर उन्होंने गांव के एंट्री गेट पर जमा हिंदू गाँववालों और रिहायशी इलाकों के घरों पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। पत्थरबाजी से दहशत फैल गई, जिससे कई लोगों को अपने घरों के अंदर छिपना पड़ा।

दर्शन बरदिया और राजेश चावड़ा समेत कई हिंदू नौजवान घायल हो गए। राजेश चावड़ा की बाईं आँख के पास गंभीर चोटें आई। कम से कम एक नौजवान गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि तीन से चार अन्य को मामूली चोटें आईं। इतना ही नहीं, पुलिस की गाड़ियों पर भी हमला किया गया।

जब माधापार पुलिस स्टेशन और लोकल क्राइम ब्रांच (LCB) की पुलिस टीमें मौके पर पहुंची, तो भीड़ ने उनकी गाड़ियों को भी निशाना बनाया। पथराव में एक LCB गाड़ी समेत दो से तीन पुलिस गाड़ियाँ डैमेज हो गईं। एक पुलिसवाला भी घायल हो गया।

हिंदू संगठन ने सोची समझी साजिश करार दिया

हिंदू युवा संगठन के नेता रघुवीर सिंह जडेजा ने इस हमले को ‘जिहादी सोच’ का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि इसके लिए पहले से योजनाबद्ध तरीके से साज़श रची गई। ऑपइंडिया से बात करते हुए, उन्होंने दावा किया कि ऐसा बहुत कम होता है कि किसी पूरे हिंदू गाँव को इस तरह से टारगेट किया जाए और हमले से पहले बिजली और CCTV कथित तौर पर बंद कर दिए गए हों।

उन्होंने कहा कि साजिश के तहत भीड़ हथियारों से लैस होकर आई थी। वे चेन लेकर आए थे जिन्हें उन्होंने बिजली के खंभों पर तारों पर लगाकर शॉर्ट सर्किट करके पूरे गाँव की बिजली बंद कर दी थी। रघुवीर सिंह ने आगे कहा कि देश के दूसरे हिस्सों में हिंदू समुदाय को भी इस घटना से सीखना होगा। उन्होंने कहा कि जिला पुलिस प्रमुख की मौजूदगी में मुस्लिम भीड़ ने पथराव किया, जिसमें एक पुलिसकर्मी भी घायल हो गया।

उन्होंने वर्नोरा गाँव की तलाशी लेने की माँग की। इसे ‘जिहादी का केंद्र’ कहा और इलाके से गोहत्या और गैर-कानूनी बीफ के व्यापार के पिछले मामलों का हवाला दिया। उन्होंने मुस्लिम बहुल गाँव की पूरी जाँच की माँग की है।

पुलिस ने की कार्रवाई

कच्छ पश्चिम के पुलिस अधीक्षक विकास सुंडा ने कहा कि पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और उसी रात लगभग 23 लोगों को हिरासत में लिया। 23 नामजद आरोपितों और 5-7 अज्ञात लोगों के खिलाफ BNS की संबंधित धाराओं, 109(1), 115(2), 118(1), 125(F), 125(B), 189(2), 190, 191(2), 191(3), 351(3), 296(B), और गुजरात पुलिस एक्ट की धारा 135 के तहत FIR दर्ज की गई है। आरोपों में हत्या की कोशिश, गैर-कानूनी तरीके से जमा होना, जानलेवा हथियारों के साथ दंगा करना और लापरवाही से गाड़ी चलाकर जान को खतरे में डालना शामिल है।

नामजद आरोपियों में जिनके नाम हैं, उनमें सलीम ममद मोखा, अबू सुफियान मोखा, साहिल सिद्दीकी मोखा, अब्बास ममद मोखा, समीर अब्दुल मेमन, रजाक सिद्दीकी मेर, फिरोज रजाक मेमन, शोएब सिद्दीकी मोखा, अमन करीम मेमन, अकरम जुसब मेमन, मजीद इब्राहिम केवरा, हनीफ रमजू केवरा, हनीफ अजीज मेमन, उमर अजीज मेमन, रेहान हनीफ खलीफा, इब्राहिम ममद मेमन, दाऊद इब्राहिम केवरा, एजाज उमर मेर, समीर अजीज मेमन, आफताब हनीफ केवरा, आजाद ममद केवरा, अल्ताफ लतीफ केवरा, और ममद लाखा मोखा शामिल हैं।

पुलिस ने वरनोरा गाँव में गैर-कानूनी बिजली कनेक्शन के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है। इलाके में गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन के खिलाफ जल्द ही बुलडोजर एक्शन देखने में आ सकता है। इलाके में अभी हालात काबू में हैं और भारी पुलिस बल तैनात है। पूरे मामले की जाँच जारी है।

(ये खबर मूल रूप से गुजराती में बनी है। इसे पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें)

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ભાર્ગવ રાજ્યગુરુ
ભાર્ગવ રાજ્યગુરુ
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