उत्तर प्रदेश के संभल स्थित प्राचीन यमघंट तीर्थ पर शनिवार (13 जून 2026) को इस्कॉन (इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस) की ओर से धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ और पूजा-अर्चना कर इस्कॉन मंदिर निर्माण कार्य की आधारशिला रखी गई।
कार्यक्रम शाम करीब 6 बजे कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला हल्लू सराय स्थित यमतीर्थ परिसर में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई उपस्थित रहे। इस दौरान SP कृष्ण बिश्नोई भी झूमते दिखे।
उत्तर प्रदेश –
— Sachin Gupta (@Sachingupta) June 14, 2026
संभल में यमघट तीर्थ पर इस्कॉन मंदिर की स्थापना हुई है। SP कृष्ण बिश्नोई भजनों पर झूमते दिखे।
संभल हिंसा के बाद प्रशासन ने जब प्राचीन कुएं और तीर्थ स्थलों की खोज शुरू की थी, उसमें यमघट तीर्थ प्रमुख था। UP सरकार ने इनके डवलपमेंट के लिए बजट जारी किया है। pic.twitter.com/x7tgJWZv1r
इस मौके पर संभल कल्कि देव तीर्थ समिति ने औपचारिक रूप से यमतीर्थ की देखरेख और धार्मिक गतिविधियों के संचालन की जिम्मेदारी इस्कॉन को सौंप दी। समिति और इस्कॉन के बीच इसके लिए पहले एमओयू किया गया था। कार्यक्रम में हरिनाम संकीर्तन और प्रसाद वितरण भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
इस्कॉन के जोनल सेक्रेटरी देवकीनंदन ने कहा कि संगठन अब संभल में भी अपनी धार्मिक गतिविधियों का विस्तार करेगा। उन्होंने धार्मिक मान्यताओं के अनुसार संभल के महत्व का उल्लेख किया। प्रशासन के अनुसार, यमतीर्थ और यमघंट परिसर में सुंदरीकरण और जीर्णोद्धार कार्य भी जारी है।
करीब 118.35 लाख रुपए की लागत से चल रहे कार्य में कुंड, चारदीवारी और परिक्रमा पथ का लगभग 70% काम पूरा हो चुका है, जबकि मंदिर निर्माण और अन्य काम जारी हैं।

