उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक बुजुर्ग दंपति को मोहम्मद इमामुद्दीन मलिक द्वारा करीब 25 साल पहले कब्जाई गई अपनी दुकान वापस मिल गई है। लंबे समय से दुकान पर अवैध कब्जा होने के कारण दंपति न्याय के लिए भटक रहे थे। आखिरकार उनकी शिकायत पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए दुकान को कब्जा मुक्त कराया और उसके असली मालिकों को सौंप दिया।
दुकान पर था 25 वर्षों से अवैध कब्जा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बुजुर्ग दंपति ने अपनी दुकान पर वर्षों से चले आ रहे कब्जे की शिकायत जिलाधिकारी रविंद्र कुमार से की थी। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने पूरे मामले की जाँच कराई और संबंधित दस्तावेजों का परीक्षण किया। जाँच में शिकायत सही पाए जाने पर स्क्रीनिंग कमेटी ने कार्रवाई की सिफारिश की।
इसके बाद मंगलवार (16 जून 2026) को जिलाधिकारी रविंद्र कुमार पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ गांधीनगर पहुँचे। प्रशासन की मौजूदगी में दुकान को कब्जे से मुक्त कराया गया और उसका कब्जा असली मालिकों को सौंप दिया गया। इस दौरान नारियल फोड़कर दुकान का उद्घाटन भी कराया गया।
बुजुर्ग दंपति का कहना है कि दुकान पर मोहम्मद इमामुद्दीन मलिक का 25-30 वर्षों से कब्जा था। उनका आरोप है कि दुकान खाली कराने की माँग करने पर उन्हें कई बार धमकियाँ दी गईं। सालों तक कोशिश करने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला और उन्होंने उम्मीद भी छोड़ दी थी।
दुकान वापस मिलने के बाद बुजुर्ग दंपति भावुक हो गए। उन्होंने जिलाधिकारी की तुलना हनुमान जी से करते हुए कहा कि उन्हें विश्वास नहीं था कि उनकी दुकान कभी वापस मिल पाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिला प्रशासन का आभार भी जताया।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कहा कि भूमाफियाओं और अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी की जमीन या संपत्ति पर अवैध कब्जा है तो वे प्रशासन से संपर्क करें, उचित जाँच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

