दिल्ली सरकार ने राजधानी के सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढाँचे को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए लगभग 75 सीएम श्री (CM SHRI) स्कूलों के व्यापक उन्नयन को मंजूरी दे दी है। करीब 265 करोड़ रुपए की इस परियोजना का उद्देश्य स्कूल परिसरों को सुरक्षित, आधुनिक और तकनीक-सक्षम शिक्षण केंद्रों में बदलना है।
यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित व्यय वित्त समिति (EFC) की बैठक में पारित किया गया। बैठक में लोक निर्माण विभाग मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, शिक्षा मंत्री आशीष सूद और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
दिल्ली के 75 CM SHRI Schools को आधुनिक सुविधाओं और उन्नत इंफ्रास्ट्रक्चर से सशक्त बनाने के लिए ₹265 करोड़ की योजना को मंजूरी दी गई है।
— Ashish Sood (@ashishsood_bjp) June 27, 2026
सुरक्षित परिसर, स्मार्ट लर्निंग सुविधाएं, बेहतर खेल अवसंरचना और छात्र-केंद्रित सुविधाओं के साथ ये स्कूल शिक्षा के नए मानक स्थापित करेंगे।… pic.twitter.com/KxGutKDUJj
स्कूल भवनों, खेल सुविधाओं और बुनियादी ढाँचे का होगा नवीनीकरण
परियोजना के तहत स्कूलों की जर्जर हो चुकी संरचनाओं को सुधारा जाएगा और विभिन्न सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसमें सीमा दीवारों का निर्माण व मरम्मत, सीपेज और नमी से प्रभावित कक्षाओं की मरम्मत, भवनों की रंगाई-पुताई तथा परिसर का सौंदर्यीकरण शामिल है।
सभी सीएम श्री स्कूलों के प्रवेश द्वारों को नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ स्कूल के नाम के साथ नया सीएम श्री लोगो भी प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा शौचालय, पेयजल व्यवस्था, ड्रेनेज और सीवरेज सिस्टम, बहुउद्देशीय हॉल, खेल मैदान और बास्केटबॉल कोर्ट को भी आवश्यकता के अनुसार उन्नत किया जाएगा।
दिल्ली सरकार का लक्ष्य सरकारी विद्यालयों को विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप विकसित करना है।
— BJP Delhi (@BJP4Delhi) June 27, 2026
₹265 करोड़ की लागत से 75 CM श्री विद्यालयों का व्यापक उन्नयन किया जाएगा। इसके अंतर्गत विद्यालय भवनों की मरम्मत, जलरोधक कार्य, रंगाई-पुताई, शौचालयों का आधुनिकीकरण, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था,… pic.twitter.com/MDAONQfRo6
सुरक्षा, तकनीक और समावेशी शिक्षा पर विशेष जोर
सरकार इस परियोजना के जरिए स्कूलों में सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं को भी मजबूत करेगी। अग्नि सुरक्षा उपायों को बेहतर बनाया जाएगा तथा खराब एलईडी लाइट, पंखे और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली बदली जाएगी। कंप्यूटर लैब और बहुउद्देशीय हॉल में एयर कंडीशनिंग, एलईडी साइनबोर्ड, आरओ वाटर कूलर, नई वायरिंग और इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाएगी।
दिव्यांग छात्रों के लिए रैंप, टैक्टाइल पाथवे और हैंडरेल विकसित किए जाएंगे। साथ ही सीसीटीवी निगरानी, कंपाउंड लाइटिंग और खेल परिसरों का भी आधुनिकीकरण किया जाएगा। सरकार ने इस पूरी परियोजना को वर्ष 2027 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।

