राजस्थान के कोटा शहर से धर्मांतरण और महिलाओं के शोषण का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने बजरंग दल की शिकायत पर मुख्य आरोपित मनीष शर्मा उर्फ मोइन खान को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित के पास से हिंदू लड़कियों और महिलाओं के आपत्तिजनक Video मिले हैं। वह सोशल मीडिया पर ग्रुप चलाकर इस पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था।
अब पुलिस और खुफिया एजेंसियों का पूरा फोकस मोइन खान के मोबाइल से मिल रहे नए सुरागों पर है। मोइन के फोन से डिलीट किए गए डेटा और पाकिस्तान से आए 3 सीक्रेट ऑडियो ने हड़कंप मचा दिया है। इस खुलासे के बाद एक खतरनाक एजेंडा सामने आया है, जिसे ‘जिहाद अल अकबर’ का नाम दिया गया है। पुलिस अब इन कड़ियों को सिलसिलेवार तरीके से जोड़ने में जुटी है।
क्या है ‘जिहाद अल अकबर’ और इसे किसने बनाया है?
‘जिहाद अल अकबर‘ सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स के जरिए चलाया जा रहा एक सुनियोजित डिजिटल एजेंडा है। मोइन खान के मोबाइल से मिले सीक्रेट ऑडियो के मुताबिक, इस खतरनाक साजिश को पाकिस्तान में बैठे कट्टरपंथी आकाओं ने तैयार किया है। ऑडियो में पाकिस्तानी शख्स दावा करता है कि वे लोग इस मिशन पर साल 1992 से काम कर रहे हैं।
जब पाकिस्तान में नया-नया इंटरनेट आया था, तभी से इस ऑनलाइन साजिश का ताना-बाना बुना जा रहा है। इस मिशन को चलाने के लिए पाकिस्तान के हैंडलर्स खुद कभी सीधे सामने नहीं आते हैं। वे भारत में मौजूद अपने स्थानीय एजेंटों को टेलीग्राम, स्नैपचैट और डिस्कॉर्ड जैसे ऐप्स के जरिए गाइड करते हैं। इसके लिए बकायदा सीक्रेट ग्रुप और चैनल बनाए गए हैं, जहाँ से पूरा नेटवर्क चलता है।
क्यों बनाया गया यह मिशन और क्या है इसका असली मकसद?
इस मिशन का मुख्य उद्देश्य भारत में बड़े पैमाने पर हिंदू महिलाओं का धर्म परिवर्तन करवाना और ईशनिंदा करवाना है। पाकिस्तानी हैंडलर्स फेक सोशल मीडिया आईडी का इस्तेमाल करके भारत की आंतरिक सुरक्षा और अखंडता को नुकसान पहुँचाना चाहते हैं। इसके जरिए देश में हिंदुओं के अंदर ही हिंदू धर्म के प्रति नफरत का बीज बोने की कोशिश की जा रही है।
इसके अलावा, इस साजिश के जरिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) जैसे राष्ट्रहित में काम करने वाले संगठनों को भी निशाना बनाने का प्लान था। पाकिस्तानी आका सोशल मीडिया पर ‘इंटरफेथ डाटा’ यानी हिंदू-मुस्लिम से जुड़ा डेटा इकट्ठा करना चाहते हैं। उनका मकसद भारत के सामाजिक ताने-बाने को पूरी तरह से तोड़ना और देश को आंतरिक रूप से कमजोर करना है।
स्थानीय लड़कों और कॉलेज के दोस्तों को कैसे किया जा रहा है ट्रेन?
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, इस साजिश को आगे बढ़ाने के लिए स्थानीय एजेंटों को अपने ही कॉलेज मेट्स और दोस्तों को जगाने का टास्क दिया जाता है। मोइन के फोन से मिले ऑडियो में पाकिस्तानी हैंडलर्स ‘वकास’ नाम के लड़के को समझाते हैं। वे कहते हैं कि अपने कॉलेज मेट और दोस्त जो मुस्लिम लड़के हैं, उनको जगाओ और उनके साथ गुप्त मीटिंग करो।
इन लड़कों को भड़काने के लिए सबसे पहले मजहबी बातें दिखाई और समझाई जाती हैं। उन्हें झूठ बोला जाता है कि दूसरे लोग उनके मजहब के साथ क्या गलत कर रहे हैं। फिर उन्हें अपनी सीक्रेट टीम के बारे में बताया जाता है। जब लड़के जोश में आकर साथ चलने को तैयार हो जाते हैं, तब उन्हें धीरे-धीरे और तरीके से आगे का काम करने के लिए ट्रेन किया जाता है।
शादीशुदा हिंदू महिलाओं को कैसे किया जा रहा है टारगेट?
इस पूरे एजेंडे के तहत शादीशुदा हिंदू महिलाओं और नाबालिग लड़कियों को खास तौर पर जाल में फँसाया जाता है। ऑडियो में पाकिस्तानी शख्स कहता है कि उन्हें ऐसी हिंदू लड़कियाँ और महिलाएँ चाहिए, जिनके वीडियो में ‘मंगलसूत्र और माथे का सिंदूर’ साफ दिखाई दे। इन महिलाओं को पहले फेक आईडी के जरिए प्यार के जाल में फँसाया जाता है।
ग्रुप में चल रहे एजेंडे की सच्चाई को बिना किसी कहानी के सीधे शब्दों में लिखा गया है। इसका मतलब है, ‘किसी हिंदू लड़की या फिर महिला को प्यार में फँसाओ, निकाह से पहले ही प्रेग्नेंट कर दो और 9 महीने बाद बच्चा ले लो। बच्चा पैदा होने के बाद वो मुसलमान बन चुकी होगी।’ इसके बाद महिलाओं से देवी-देवताओं की मूर्तियों के साथ अश्लील वीडियो बनवाकर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता है।
मोइन खान के बारे में अब तक क्या-क्या पता चला है?
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपित मनीष शर्मा मूल रूप से हिंदू था, जिसने बाद में धर्म परिवर्तन कर अपना नाम मोइन खान रख लिया था। वह कोटा के विज्ञान नगर का रहने वाला है और केवल 10वीं तक पढ़ा-लिखा है। वह एक दुकान पर काम करता था और साल 2021 में उसकी शादी हुई थी, जिससे उसका एक 4 साल का बच्चा भी है।
मोइन खान पिछले कई सालों से टेलीग्राम और डिस्कॉर्ड जैसे प्लेटफॉर्म्स पर पाकिस्तानी संगठनों के संपर्क में था। उसकी गतिविधियाँ संदिग्ध लगने पर बजरंग दल के हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत मिली थी। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने उस पर नजर रखना शुरू किया। जब उसका फोन चेक किया गया, तो उसमें हिंदू धार्मिक प्रतीकों के साथ लड़कियों के हजारों आपत्तिजनक वीडियो और अश्लील कंटेंट बरामद हुए।
पाकिस्तान से आए सीक्रेट ऑडियो क्लिप्स में और क्या-क्या बातें हैं?
मोइन खान के मोबाइल से मिले तीन अलग-अलग ऑडियो क्लिप्स ने इस अंतरराष्ट्रीय साजिश की पुष्टि की है। पहले ऑडियो में पाकिस्तानी शख्स कहता है कि हमारा यह काम नया नहीं है और हम साल 1992 से काम कर रहे हैं। दूसरे ऑडियो में वह कहता है कि इनके जहन में यह चीज बिठा दो कि मुस्लिम सुप्रीम है और इनका भगवान कुछ नहीं है।
तीसरे ऑडियो में पाकिस्तानी हैंडलर भारत में बैठे वकास नाम के लड़के को बिल्कुल सेफ साइड रखने की बात करता है। वह कहता है कि मैं पाकिस्तान में बैठा हूँ, इसलिए तुम कभी सामने मत आना वरना सुरक्षा की दिक्कत हो जाएगी। वह वकास से कहता है कि अगर मैं तुम्हें ग्रुप का एडमिन बना देता, तो RSS के लोग तुम्हारी आईपी आईडी नोट कर तुम्हारे घर पहुँच जाते।
इस पूरे मामले में अब तक क्या-क्या कानूनी कार्रवाई हुई है?
बजरंग दल कार्यकर्ता योगेश रेनवाल की शिकायत पर 15 जून 2026 को कोटा के विजयनगर और उद्योग नगर थाने में मामला दर्ज किया गया था। आरोपित मनीष शर्मा उर्फ मोइन खान के खिलाफ आईपीसी की धारा 196(1)(a), 196(1)(b), 299, 352 और आईटी एक्ट की धारा 66, 67, 67A के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा गया है। उद्योग नगर थाना सीआई मांगेलाल ने बताया कि आरोपित का मोबाइल फोन फोरेंसिक जाँच (FSL) के लिए भेजा गया है।
बजरंग दल ने 22 जून को इस पूरे मामले की ऑनलाइन शिकायत केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी है। हिंदू समाज-कोटा ने भी प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई और पूरे नेटवर्क की जाँच की माँग की है। जयपुर में एटीएस ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ी बबीता से खदीजा बनी महिला को पकड़ा था, जिससे जोड़कर भी एजेंसियाँ अलर्ट हैं। मामले को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और मंत्री मदन दिलावर ने जांच के बाद दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया है।


