तेलंगाना में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने सड़क एवं भवन विभाग (R&B) के इंजीनियर-इन-चीफ मोहन नाइक जरुपला के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है।
जाँच एजेंसी का दावा है कि अधिकारी ने अपनी घोषित आय की तुलना में कहीं अधिक संपत्तियाँ अर्जित कीं। शुरुआती जाँच में करोड़ों रुपए की चल-अचल संपत्तियों का खुलासा हुआ है।
17 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी, करोड़ों की संपत्ति का खुलासा
मामला दर्ज होने के बाद ACB ने मोहन नाइक जरुपला से जुड़े आवास, कार्यालय और रिश्तेदारों, सहयोगियों तथा बेनामी व्यक्तियों के कुल 17 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान निजामाबाद जिले के मुल्लांगी गाँव में लगभग 19.38 एकड़ कृषि भूमि का पता चला, जिसकी सरकारी कीमत करीब 82.9 लाख रुपए बताई गई।
इसके अलावा जाँच में सात फ्लैट सामने आए, जिनमें तीन कोम्पल्ली और चार गाचीबौली इलाके में स्थित हैं और इनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 7.35 करोड़ रुपए बताई गई।
जाँच एजेंसी को मियापुर क्षेत्र में करीब 2.5 करोड़ रुपये मूल्य की एक ट्रिप्लेक्स विला और कुकटपल्ली में नया आवासीय मकान भी मिला, जिसकी कीमत लगभग 62 लाख रुपए आँकी गई। इसके साथ ही निजामाबाद में एक नई विला की खरीद के लिए करीब 1 करोड़ रुपए अग्रिम भुगतान किए जाने की जानकारी भी सामने आई।
नकदी, सोना और बैंक जमा समेत कई संपत्तियाँ मिलीं
तलाशी के दौरान एजेंसी ने बड़ी मात्रा में नकदी और कीमती संपत्तियाँ भी बरामद कीं। अधिकारियों के अनुसार, करीब 55 लाख रुपए नकद, लगभग 1.44 करोड़ रुपए की बैंक जमा राशि, करीब 2.5 किलोग्राम सोने के आभूषण जिनकी अनुमानित कीमत 2 करोड़ रुपए है, और लगभग 6 किलोग्राम चाँदी जब्त की गई।
इसके अलावा करीब 1.26 करोड़ रुपए मूल्य का घरेलू सामान, 9 मोबाइल फोन, 4 लैपटॉप और लगभग 25 लाख रुपए कीमत के दो वाहन भी बरामद किए गए। अब तक सामने आई संपत्तियों का कुल मूल्य करीब 17.94 करोड़ रुपए बताया गया है, हालाँकि एजेंसी का मानना है कि वास्तविक बाजार मूल्य इससे अधिक हो सकता है।
मोहन नाइक जरुपला को गिरफ्तार कर विशेष ACB कोर्ट में पेश किया गया था, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले में आगे की जाँच जारी है और एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि आरोपित या उससे जुड़े लोगों के नाम पर अन्य संपत्तियाँ मौजूद हैं या नहीं।

