उत्तर प्रदेश के कानपुर के रावतपुर इलाके में 17 वर्षीय हिंदू किशोरी को अगवा कर सात दिनों तक बंधक बनाकर रखने, जबरन धर्मांतरण का दबाव बनाने के आरोप में पुलिस ने अरमान नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। अरमान और उसका परिवार पीड़िता को गोमांस खाने के लिए भी मजबूर करते थे और गर्म चिमटे से दागकर प्रताड़ित करते थे।
पीड़िता के विरोध करने पर वह उसके परिवार को जान से और सऊदी अरब में बेचने की धमकी देता था। पीड़िता के आरोपों के आधार पर पुलिस ने चमनगंज निवासी अरमान समेत उसके परिवार के खिलाफ केस दर्ज कर आरोपित को हिरासत में लेकर जाँच शुरू कर दी है।
दोस्ती के बाद बुलाया, फिर घर ले जाकर बनाया बंधक
पीड़िता के परिजनों के मुताबिक, 21 जून 2026 को उनकी बेटी घर से बाहर गई थी लेकिन वापस नहीं लौटी। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका। शनिवार (27 जून 2026) को वह बदहवास हालत में घर लौटी और पूरी घटना परिवार को बताई।
कुछ समय पहले पीड़िता की मुलाकात मोतीझील स्थित कारगिल पार्क में अरमान नाम के युवक से हुई थी और दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई थी। 21 जून को युवक ने उसे नमक फैक्ट्री चौराहे पर बुलाया, जहाँ वह अपने दो साथियों के साथ कार में मौजूद था। शुरुआत में उसे घूमाने के बहाने साथ ले गया लेकिन बाद में उसे घर छोड़ने के बजाय अपने घर लेकर चला गया।
कलमा ना पढ़ने पर गर्म चिमटे से दागा
पीड़िता का आरोप है कि आरोपित और उसके परिजनों ने उस पर मजहबी तरीके अपनाने, कलमा पढ़ने और उर्दू में लिखे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और शरीर पर गर्म चिमटे से दागा गया, जिसके निशान अभी भी मौजूद हैं।
किसी तरह वह वहाँ से निकलकर पीड़िता अपने घर पहुँची, जिसके बाद परिजन उसे लेकर थाने पहुँचे। पुलिस ने FIR दर्ज कर मुख्य आरोपित अरमान को हिरासत में लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जाँच और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

