अदन की खाड़ी में भारतीय नौसेना ने बुधवार रात (1 जुलाई 2026) समुद्री लुटेरों को भागने पर मजबूर कर दिया। युद्धपोत INS त्रिकंद से एक कमर्शियल जहाज MV गोल्डन आर्सेनल ने डकैतों से बचाने की गुहार लगाई। यह जहाज भारत के लिए जरूरी सामान लेकर आ रहा था। इस दौरान समुद्री लूटेरों ने उस पर हमला कर दिया। MV गोल्डन आर्सेनल के मदद माँगने पर INS त्रिकंद वहाँ पहुँच गया।
भारतीय नौसेना के मरीन कमांडो (MARCOS) MV गोल्डन आर्सेनल जहाज पर चढ़े। इस जहाज पर एक भारतीय क्रू मेंबर भी मौजूद था। दरअसल समुद्री डकैतों के हमले को देखते हुए जहाज के क्रू मैंबर्स ने खुद को एक सुरक्षित कमरे में बंद कर लिया था और कम्युनिकेशन चैनल के जरिए डकैती की कोशिश की जानकारी दी थी।
डकैत भारतीय नौसेना के युद्धपोत को नजदीक देखकर ही अपनी जान बचाकर भाग गए। उन्होंने लड़ने के बजाए भागना उचित समझा। भारतीय मरीने कमांडो फिर भी एहतियात बरतते हुए उस जहाज के ऊपर चढ़े और हर जगह की तलाशी ली। जब तलाशी पूरी हुई तो कमर्शियल जहाज के क्रू मेंबर्स को आने के लिए कहा।

