BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी वाड्रा पर उत्तराखंड के किच्छा में 90 वर्षीय मुस्लिम महिला की जमीन हड़पने की कोशिश का समर्थन करने का आरोप लगाया है। बीजेपी ने इस विवाद की तुलना ‘गाँधी-वाड्रा परिवार’ के कथित भ्रष्टाचार से करते हुए ‘नेशनल हेराल्ड मामले’ से की है।
एक प्रेस ब्रीफिंग में भंडारी ने बताया कि उधम सिंह नगर के किच्छा में खान फार्म एस्टेट में मौजूद प्रॉपर्टी के असली कागजात स्वर्गीय कुलसुम खान के नाम पर थे। उनकी 90 साल की बहन नसरीन खान अभी उसी जमीन पर बने मकान में रहती हैं।
भंडारी के मुताबिक, प्रियंका की भाभी और रॉबर्ट वाड्रा के परिवार की सदस्य सायरा वाड्रा उस प्रॉपर्टी पर कब्जा करने में लगी हुई हैं, जबकि प्रॉपर्टी के कागजात उनके नाम पर नहीं हैं।
Section 351 of the BNS deals with criminal intimidation. The actions of the Congress MLA are illegal under this provision.
— BJP (@BJP4India) July 2, 2026
But the buck stops with Priyanka Vadra.
We want to ask her: To what extent can the Gandhi–Vadra family go to grab land illegally and hand over its… pic.twitter.com/w0qcN86qPj
कॉन्ग्रेस विधायक ने बुज़ुर्ग महिला को धमकाया- भंडारी
भंडारी ने बताया कि किच्छा से कॉन्ग्रेस विधायक तिलक राज बेहर देर रात करीब 100 पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ विवादित जमीन पर गए और नसरीन खान को धमकाया। विधायक तिलक राज प्रियंका गाँधी वाड्रा के करीबी माने जाते हैं।
भंडारी ने नसरीन खान का बयान दोहराते हुए कहा कि कॉन्ग्रेस के कुछ लोग यहाँ आए हैं। वे मेरे फार्म का कब्जा कर वाड्रा परिवार को सौंपने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि खान ने सिर्फ सायरा वाड्रा का नाम लेने के बजाय पूरे वाड्रा परिवार का जिक्र किया था। उन्होंने सवाल पूछा कि क्या कॉन्ग्रेस विधायक ने प्रियंका वाड्रा या रॉबर्ट वाड्रा के कहने पर महिला को धमकाया था। उन्होंने यह भी कहा कि सायरा और उनके पति सिकंदर आलम ने नसरीन की बहन पर झूठे हलफनामे पर दस्तखत करने का दबाव डाला और एक फर्जी वसीयत बनवाने की कोशिश की।
भंडारी ने कहा कि तरीका यह था कि असली संपत्ति के मालिक को तब तक डराया-धमकाया जाए जब तक वह उसे छोड़कर चली न जाए, जिसके बाद कोई दूसरी पार्टी सिविल विवाद में कब्जे का दावा कर सके।
नेशनल हेराल्ड मामले से घटना की तुलना की
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि कॉन्ग्रेस विधायक की हरकतें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351 के दायरे में आती हैं, जो आपराधिक धमकी से संबंधित है। उन्होंने कहा कि यह व्यवहार गैर-कानूनी था। उन्होंने कहा, “बात सिर्फ कॉन्ग्रेस विधायक तक सीमित नहीं है। जिम्मेदारी प्रियंका वाड्रा की है।
भंडारी ने रॉबर्ट वाड्रा से जुड़े जमीन के मामलों का भी जिक्र किया, जिनमें गुरुग्राम का शिकोहपुर मामला और स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी से जुड़ा बीकानेर-कोलायत जमीन का मामला शामिल है।
उन्होंने नेशनल हेराल्ड मामले से भी तुलना की और गाँधी परिवार पर आजादी की लड़ाई लड़ने वालों से जुड़ी संपत्तियों को निजी संपत्ति में बदलने का आरोप लगाया। गाँधी-वाड्रा परिवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए भंडारी ने पूछा कि क्या प्रियंका ने कॉन्ग्रेस विधायक को उस प्रॉपर्टी पर जाने के लिए कहा था और मुसलमानों, महिलाओं और गरीबों का समर्थन करने का दावा करने वाली पार्टी एक 90 साल की मुस्लिम महिला को उसकी जमीन के मामले में क्यों निशाना बना रही थी।
इस रिपोर्ट के छपने तक कॉन्ग्रेस और प्रियंका गाँधी वाड्रा की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है।

