केंद्र सरकार ने उन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि भूटान ने भारत से E20 पेट्रोल खरीदने से इनकार कर दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने स्पष्ट किया है कि भारत की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) की ओर से भूटान को E20 पेट्रोल निर्यात करने का कोई प्रस्ताव भेजा ही नहीं गया था।
Fact Check
— Ministry of Petroleum and Natural Gas #MoPNG (@PetroleumMin) July 5, 2026
❌ Claims that Bhutan declined an offer to import E20 petrol from India are incorrect.
No such offer has been made by the Oil Marketing Companies (OMCs), and there is no proposal for export of E20 petrol to Bhutan.
✅ Please rely only on official information from… pic.twitter.com/sqyAcEIvbw
ऐसे में भूटान द्वारा उस प्रस्ताव को ठुकराने का दावा पूरी तरह गलत और भ्रामक है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट कर लिखा, “यह दावा गलत है कि भूटान ने भारत से E20 पेट्रोल आयात करने का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) की ओर से ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है और भूटान को E20 पेट्रोल निर्यात करने का भी कोई प्रस्ताव नहीं है। सिर्फ MoPNG और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों से मिली आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।”

सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि भूटान ने भारत से E20 पेट्रोल लेने से मना कर दिया है। रिपोर्ट्स में कहा गया कि भूटान के पास इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के सुरक्षित भंडारण के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है। सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि इससे भारत को बेईज्जती का सामना करना पड़ा।

यह भी दावा किया गया कि E20 पेट्रोल में मौजूद इथेनॉल नमी को जल्दी सोख लेता है, इसलिए इसे स्टोर करने के लिए विशेष व्यवस्था की आवश्यकता होती है।

इन दावों के बीच अब केंद्र सरकार ने आधिकारिक तौर पर स्थिति साफ कर दी है और अपील की है कि भ्रामक खबरों पर विश्वास करने के बजाय आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें।

