पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बरुईपुर में 12 साल की बच्ची से रेप और हत्या मामले में पुलिस ने कार्रवाई की। रेपिस्ट प्रभास मंडल को मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस का कहना है कि आरोपित क्राइम सीन रीक्रिएशन के लिए घटनास्थल पर ले जाया गया था।
पुलिस के अनुसार, मंगलवार (7 जुलाई) की देर रात करीब 12:45 बजे बरुईपुर थाना कांड संख्या 1350/26 के जाँच अधिकारी अपनी टीम के साथ आरोपित प्रभास मंडल को सूर्यपुर हाट स्थित घटनास्थल पर लेकर पहुँचे थे। वहाँ मामले से जुड़े घटनाक्रम का क्राइम सीन रीक्रिएट किया जाना था, ताकि जाँच के अहम पहलुओं की पुष्टि की जा सके।
पुलिस का दावा है कि रीक्रिएशन शुरू होने से ठीक पहले आरोपित ने अचानक ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी की सर्विस गन छीन ली और पुलिस टीम पर एक राउंड फायर कर दिया। इसके बाद उसने मौके से फरार होने का प्रयास किया। पुलिस का कहना है कि आरोपित की ओर से गोली चलाए जाने के बाद टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की।
इस कार्रवाई में प्रभास मंडल को गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। पुलिसकर्मी उसे तुरंत बारुईपुर अस्पताल लेकर पहुँचे, लेकिन डॉक्टरों ने जाँच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की सभी वैधानिक और कानूनी प्रक्रियाएँ शुरू कर दी गई हैं।
CM शुभेंदु ने कहा था- बख्शेंगे नहीं… जल्द से जल्द इंसाफ होगा
गौरतलब है कि 4 जुलाई 2026 की शाम घर से बाहर निकली किशोरी का शव रविवार (5 जुलाई 2026) की सुबह सूर्यपुर हाट के पास एक तालाब से बरामद हुआ था। परिजनों ने आरोप लगाया है कि चार लोगों ने उसका अपहरण किया, दुष्कर्म के बाद हत्या कर शव को तालाब में फेंक दिया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किया था।
मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया था। 5 जुलाई को पीड़िता का शव बोरी में मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने बारुईपुर-जयनगर मार्ग पर टायर जलाकर सड़क जाम कर दी, पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की और सूर्यपुर स्टेशन पर प्रदर्शन करते हुए सियालदह-नामखाना रेल मार्ग को भी करीब एक घंटे तक बाधित रखा।
प्रदर्शन के दौरान एक उग्र भीड़ ने मामले में संलिप्त होने के संदेह में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। पुलिस पर पथराव भी हुआ, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पीड़िता के पिता से फोन पर बात कर कहा था कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द से जल्द न्याय किया जाएगा।
ममता बनर्जी ने मामले को दिया था राजनीतिक रुप
इस घटना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि भारतीय जनता पार्टी उन्हें बारुईपुर के रेप पीड़िता के परिवार से मिलने से रोक रही है, इसलिए उनके कालीघाट स्थित आवास के बाहर पुलिस तैनात कर दी है। जबकि भाजपा का कहना था कि यह इंतजाम केवल उनकी सुरक्षा के लिए किया गया है।
इसे लेकर मंत्री दिलीप घोष ने कहा था, “वे (ममता बनर्जी) लगातार सड़कों पर घूमती रहती हैं। उनकी सुरक्षा करने के लिए पुलिस तैनात की गई है, जिससे उन पर कोई अंडे न फेंक सके।”

