‘गैर-मर्दों की हो गई थी आदत, याद नहीं कितनों से संबंध बनाए’: किशनगंज में 2 बच्चों की अम्मी ने BF अनवर के साथ मिल शौहर का किया कत्ल, लंबे नाटक के बाद कबूला सब सच

बिहार के किशनगंज में डेजी ने अपने शौहर रिजवान की हत्या की बात कबूली है और कई खुलासे किए हैं। 4 जुलाई को रिजवान की लाश उसके बेडरूम में मिली थी जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर 12 घंटे तक पूछताछ की, तो उसने कई राज उगले।

पुलिस के मुताबिक, डेजी ने कहा कि आपलोग कहते हैं कि मेरे 6 बॉयफ्रेंड थे, लेकिन मुझे खुद नहीं पता कि 13 सालों में कितने बॉयफ्रेंड हुए। डेजी ने कहा कि वह कई मर्दों के जंजाल में रही है और उसका शौहर रिजवान तो निकाह के 13 दिनों के बाद उसे किशनगंज के बिशनपुर गाँव में अकेला छोड़ कर कुवैत चला गया।

डेजी ने खुलासा किया है कि शौहर के जाने के बाद कभी उसका दोस्त तो कभी रिश्तेदार या जान पहचान वाले आ जाते। लोकलाज की डर से उसने सब सहा। इसके बाद हालात ऐसे बदले की उसे गैर मर्द की आदत-सी पड़ गई।

डेजी ने पुलिस के सामने यह भी माना है कि राज खुलने के डर से उसने शौहर रिजवान का अपने बॉयफ्रेंड अनवर के साथ मिलकर रात में सोते वक्त लोहे के रॉड से मारकर बेहरमी से कत्ल कर दिया। दरअसल इस बार रिजवान वापस आने के बाद नहीं जाने का मन बना चुका था। ऐसे में बॉयफ्रेंड अनवर के साथ मिलकर उसने उसे रास्ते से हटाने का प्लान बनाया।

डेजी ने 13 साल में क्या क्या किया

डेजी का निकाह रिजवान के साथ 2013 में हुआ था। निकाह के कुछ दिनों बाद रिजवान कुवैत चला गया। वह किशनगंज के बिशनपुर गाँव में अपने ससुराल में रह गई। रिजवान करीब 2 साल के अंतराल पर कुछ दिनों के लिए आता, फिर लौट जाता।
इस दौरान उसका जीवन अकेलेपन में बीता।

रिजवान की गैरमौजूदगी में उसके जीवन में 2016 में पहला व्यक्ति आया। वह था रिजवान का दोस्त आफताब। उसने पहले डेजी से दोस्ती की और फिर करीबी रिश्ते बन गए। 2019 में उसे पता चला कि रिजवान ने कुवैत में दूसरा निकाह कर लिया है। इसके बाद वह टूट गई। उसने घटना को लेकर बताया कि जब उसने रिजवान के फोन पर एक दिन कॉल किया तो एक महिला ने फोन उठाया। पूछने पर उसने बताया कि वह रिजवान की बीवी है। इसके बाद डेजी परवीन खुद को ठगा हुआ महसूस करने लगी।

इसके बाद उसके जीवन में कई लोग आए। पिछले करीब 5 साल से उसके निकाह से पहले का बॉयफ्रेंड अनवर वापस जिंदगी में आया। वह उसके बचपन का दोस्त था। उसकी वक्त वक्त पर मदद भी करता था। उसने अनवर को फोन पर रिजवान की दूसरी बीवी के बारे में भी बताया।

अनवर ने उसे साथ देने का भरोसा दिया और फिर धीरे-धीरे वह करीब आ गया। वह हर सुख-दुख में साथ देता था और बच्चों को अपनाने की बात भी कहता था। डेजी परवीन के दो बच्चे हैं। एक बेटा 12 साल का और दूसरी बेटी 8 साल की। उसका कहना है कि दोनों बच्चे रिजवान के हैं।

कत्ल के बाद डकैती की कहानी गढ़ी

3 जुलाई 2026 को अनवर ने डेजी को फोन किया। वह रिजवान के वापस नहीं जाने को लेकर गुस्से में था। वह रात करीब 1 बजे पहुँचा उसके बाद डेजी ने दरवाजा खोल दिया। रिजवान उस वक्त सो रहा था। अनवर के हाथ में लोहे का रॉड था उसने उससे रिजवान के सिर पर कई वार किए जिसके कारण उसकी मौत हो गई।

हत्या के बाद डेजी ने अनवर को रिजवान के दोनों मोबाइल दे दिए। अनवर ने रॉड को गड्ढे में फेंक दिया और मोबाइल बांसवाड़ी में छिपा दिए। सुबह होने पर डेजी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए डकैती और चोरी के दौरान हत्या की झूठी कहानी गढ़ी। उसके काफी रोना-पीटना मचाया, लेकिन फोन डिटेल से उसके राज बाहर आ गए और पुलिस ने उसे अनवर के साथ गिरफ्तार कर लिया।