UP में 1 लाख बच्चों को स्टडी टेबल: बहराइच, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती के विद्यार्थियों ने फूलों की चित्रकारी और CM योगी की तस्वीर वाली चिट्ठियों से जताई खुशी

घर में पढ़ने के लिए जगह न हो तो किताब खोलकर बैठना भी कई बच्चों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होता। कभी फर्श पर बैठकर पढ़ना पड़ता है तो कभी बिस्तर या छोटी सी मेज का सहारा लेना पड़ता है। अब उत्तर प्रदेश के देवीपाटन मंडल के एक लाख बच्चों के लिए पढ़ाई का यह अनुभव थोड़ा आसान हुआ है। उन्हें पढ़ने के लिए स्टडी टेबल मिली है।

स्टडी टेबल मिलने के बाद बच्चों ने जिस अंदाज में अपनी खुशी जाहिर की, उसने इस पूरी पहल को सरकारी आँकड़ों से आगे की कहानी बना दिया। बहराइच, गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती के कई बच्चों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम अपने हाथों से आभार पत्र लिखे। किसी ने पत्र को फूलों से सजाया, किसी ने स्टडी टेबल और किताब-पेंसिल का चित्र बनाया तो किसी ने मुख्यमंत्री की तस्वीर बनाकर उसके साथ ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का संदेश लिख दिया।

स्वाती ने फूलों से सजाया अपना आभार पत्र

स्टडी टेबल पाने वाली स्वाती ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बताया कि वह इस सुविधा से काफी खुश है। उसने लिखा कि उसे स्टडी टेबल के साथ पढ़ाई की सामग्री भी मिली है और वह रोज उसी पर बैठकर पढ़ाई करती है।

स्वाती ने अपने पत्र को सिर्फ शब्दों तक सीमित नहीं रखा। उसने चारों तरफ फूल बनाए और नीचे किताब, पेंसिल और स्टडी टेबल का चित्र भी बनाया। बच्चे के हाथ से बने इस छोटे से चित्र में उस सुविधा की अहमियत साफ दिखाई देती है, जो अब उसकी रोज की पढ़ाई का हिस्सा बन चुकी है।

सबा बोली- अब पढ़ते समय पीठ में दर्द नहीं होता

कक्षा 6 की छात्रा सबा ने अपनी चिट्ठी में पढ़ाई के दौरान होने वाली उस परेशानी का जिक्र किया, जिसे शायद बड़े आँकड़ों में दर्ज करना मुश्किल है। सबा ने लिखा कि पहले घर पर पढ़ाई करते समय उसे काफी असुविधा होती थी। अब स्टडी टेबल मिलने के बाद उसे बैठकर पढ़ने में सहूलियत होती है और उसकी पीठ में भी दर्द नहीं होता।

सबा ने अपनी चिट्ठी के साथ स्टडी टेबल का चित्र बनाया और नीचे लिखा, ‘सब पढ़ें-सब बढ़ें।’ उसके लिए यह टेबल सिर्फ फर्नीचर का एक सामान नहीं बल्कि पढ़ाई को थोड़ा सहज बनाने वाली चीज बन गई है।

नुजहत फातिमा की पढ़ाई में बढ़ी एकाग्रता

कक्षा 7 की नुजहत फातिमा ने नीले चार्ट पेपर पर मुख्यमंत्री के नाम अपना आभार पत्र तैयार किया। उसने लिखा कि स्टडी टेबल मिलने के बाद घर में पढ़ने के लिए उसे बेहतर माहौल मिला है। नुजहत के मुताबिक अब वह पहले की तुलना में अधिक एकाग्र होकर पढ़ पाती है। गृहकार्य पूरा करने और स्कूल में पढ़ाए गए पाठ को दोहराने के लिए भी वह स्टडी टेबल का इस्तेमाल कर रही है।

उसने रंगीन पेंसिलों से पढ़ती हुई छात्रा का चित्र भी बनाया। यानी बच्चों ने धन्यवाद कहने के लिए सिर्फ दो-चार लाइनें नहीं लिखीं बल्कि अपनी कल्पना और रचनात्मकता के जरिए यह बताने की कोशिश की कि उनके लिए इस सुविधा का मतलब क्या है।

चार जिलों में पूरा हुआ एक लाख टेबल का लक्ष्य

देवीपाटन मंडल की मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल के मुताबिक ‘शिक्षा की उड़ान’ स्टडी टेबल वितरण अभियान के तहत मंडल के चार जिलों में एक लाख स्टडी टेबल वितरित करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे पूरा कर लिया गया है।

इनमें बहराइच में 34260, गोंडा में 27650, बलरामपुर में 26984 और श्रावस्ती में 11106 स्टडी टेबल बाँटी गई हैं। इस तरह चारों जिलों में कुल एक लाख बच्चों तक स्टडी टेबल पहुँची है।

इस अभियान का फोकस खास तौर पर ग्रामीण परिवेश के बच्चों पर रखा गया है। सरकारी विद्यालयों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के साथ कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालयों की सभी छात्राओं को भी इसका लाभ दिया गया है।

अभियान का उद्देश्य बच्चों को घर पर पढ़ाई के लिए एक निश्चित जगह उपलब्ध कराना और पढ़ाई के प्रति नियमितता बढ़ाना है। प्रशासन के मुताबिक इसे आगे भी जारी रखने की योजना है ताकि भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जा सके।