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100+ सैनिकों की मौत, दर्जनों घायल: मिसाइल से मस्जिद पर हमला, नमाज़ पढ़ रहे थे आर्मी वाले

"विद्रोहियों का यह शर्मनाक क़दम इस बात की निस्संदेह पुष्टि करता है कि वह शांति के इच्छुक नहीं हैं, क्योंकि उन्हें मौत और विनाश के अलावा कुछ नहीं आता।"

यमन के मारिब में सैन्य शिविर में एक मस्जिद पर शनिवार (18 जनवरी) को मिसाइल और ड्रोन से किए गए हमले में 100 से अधिक सैनिकों की जान चली गई और दर्जनों घायल हो गए। यह मस्जिद मिलिट्री कैंप के अंदर ही था, इसलिए मरने वाले लगभग सभी सेना के लोग ही हैं। यमन ने राष्ट्रपति अब्द-रब्बू मंसूर हादी ने इस कायराना आतंकी हमले की निंदा की है। उन्होंने रविवार (19 जनवरी) को सेना को हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया और मारिब शहर में हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए इस हमले का जवाब देने के लिए तैयार रहने को कहा।

अलजज़ीरा की ख़बर के अनुसार, घायलों को मारिब शहर के एक अस्पताल ले जाया गया। दो चिकित्सा सूत्रों ने रॉयटर्स न्यूज एजेंसी को बताया कि हमले के लिए शिविर में एक मस्जिद को टार्गेट किया गया था क्योंकि वहाँ बड़ी संख्या में लोग नमाज़ के लिए इकट्ठा थे।

सऊदी के स्वामित्व वाले अल हैदाथ टेलीविजन ने एक वीडियो प्रसारित किया जिसमें कहा गया कि हमले के भीषण परिणाम थे। शरीर के हिस्सों को फर्श पर कटा हुआ मलबे के बीच देखा जा सकता है। इसके अलावा, फ़र्श पर बिछे क़ालीन पर ख़ून जमा हुआ था और दीवारों पर शरीर के अंग चिपके हुए थे।

राष्ट्रपति अब्द-रब्बू मंसूर हादी ने यमन की राज्य समाचार एजेंसी, सबा को बताया,

“हूती विद्रोहियों का यह शर्मनाक क़दम इस बात की निस्संदेह पुष्टि करता है कि वह शांति के इच्छुक नहीं हैं, क्योंकि उसे मौत और विनाश के अलावा कुछ नहीं आता और वह इलाके में ईरान का घटिया हथियार है।”

हैतियों ने शनिवार (18 जनवरी) को किए इस हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली क्योंकि वो यह नहीं मानते कि वो ईरान की कठपुतली हैं। इसके उलट वो यह कहते है कि वो एक भ्रष्ट व्यवस्था से लड़ रहे हैं।

मारिब का तेल समृद्ध प्रांत, हूती नियंत्रित राजधानी सना से लगभग 115 किलोमीटर (70 मील) दूर है। यह शहर सऊदी के नेतृत्व वाले, अमेरिका समर्थित गठबंधन का गढ़ है। अल जज़ीरा के मोहम्मद अलताब ने सना से रिपोर्टिंग करते हुए बताया, “इस हमले में तीन मिसाइलें शामिल थी।” साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है।

इसके अलावा, Al Ekhbariya टेलीविजन ने सूत्रों के हवाले से बताया कि हमला बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से किया गया। संयुक्त राष्ट्र के दूत, मार्टिन ग्रिफिथ्स ने यमन में हुए इस हमले की कड़ी निंदा की और साथ ही देशभर में हवाई हमले और ज़मीनी हमले के प्रति भी निराशा व्यक्त की। 

न्यूज़ एजेंसी, ‘सबा’ के अनुसार एक सैन्य सूत्र ने बताया कि नाहम में संघर्ष रविवार को भी जारी था। इस संघर्ष में हूती के दर्जनों आतंकवादी मारे गए और घायल हुए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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