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राहुल गाँधी पर जो कहा उस पर कायम हूँ: जबरन छुट्टी पर भेजे गए मुंबई यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर

सोमन मुंबई यूनिवर्सिटी के एकेडमी ऑफ आर्ट के डायरेक्टर हैं। महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा था कि राहुल गाँधी पर टिप्पणी करने वाले प्रोफेसर के खिलाफ जल्द ही बड़ा एक्शन लिया जाएगा।

जबरन छुट्टी पर भेजे गए मुंंबई यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर योगेश सोमन ने कहा है कि उन्होंने जो कहा उस पर वे कायम हैं। कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गॉंधी को लेकर कथित तौर पर विवादित टिप्पणी के बाद उन्हें अनिवार्य छुट्टी पर भेज दिया गया था। सोमन मुंबई यूनिवर्सिटी के एकेडमी ऑफ आर्ट के डायरेक्टर हैं।

उन्होंने कहा कि जबरन अवकाश पर भेजे जाने की मुझे जानकारी नहीं है। इस संबंध में जो भी जानकारी मिली है वह मीडिया के माध्यमों से मिली है। मामले में आधिकारिक जॉंच होने के बाद ही मैं अपना आधिकारिक बयान दूँगा। इससे पहले बताया गया था कि विश्वविद्यालय ने प्रोफेसर को इस मामले में दोषी मानते हुए अवकाश पर जाने का आदेश दे दिया है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार प्रोफेसर सोमन ने 14 दिसंबर को फेसबुक पर एक वीडियो ब्लॉग लिखा था। इस वीडियो में इस्तेमाल किए गए कुछ शब्दों को NSUI द्वारा और कुछ शब्दों को विश्वविद्यालय के अधिकारियों द्वारा आपत्तिजनक बताया गया था। बताया गया था कि NSUI ने प्रोफेसर योगेश सोमन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद विश्वविद्यालय की फैक्ट-फाइंडिंग ने उन्हें दोषी पाया और छुट्टी पर जाने के लिए कह दिया गया।

इस वीडियो में सोमन ने सावरकर को लेकर राहुल गॉंधी के बयान पर प्रतिक्रिया दी थी। 51 सेकंड के इस वीडियो में वे राहुल गाँधी से कहते हुए दिखाई दे रहे हैं, “आप वास्तव में सावरकर नहीं हैं, आपके अंदर उनके कोई गुण मोजूद नहीं हैं। सच तो यह है कि आप एक सच्चे गाँधी ही नहीं हैं…।” गौरतलब है कि राहुल गाँधी ने दिल्ली में एक रैली के दौरान कहा था, “मेरा नाम राहुल सावरकर नहीं है, मैं माफी नहीं माँगूँगा”।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस मुद्दे पर कहा था कि प्रोफेसर को जबरन अवकाश पर भेजना असहिष्णुता है। वहीं महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि राहुल गाँधी पर टिप्पणी करने वाले प्रोफेसर के खिलाफ जल्द ही बड़ा एक्शन लिया जाएगा। देशमुख ने आगे कहा कि एक प्रोफेसर का काम छात्रों को पढ़ाना होता है न कि इस तरह की बयानबाजी करना। अभी उन्हें जबरन छुट्टी पर भेजा गया है, लेकिन जल्द ही उनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।

वहीं, यूनिवर्सिटी का कहना था कि प्रोफेसर के खिलाफ फेसबुक पोस्ट के अलावा और भी कई अन्य आरोप थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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