Homeराजनीतिफेस मास्क और सैनिटाइजर के दाम तय: मोदी सरकार के फैसले के बाद लाइन...

फेस मास्क और सैनिटाइजर के दाम तय: मोदी सरकार के फैसले के बाद लाइन में आई कंपनियाँ, घटाई कीमतें

2 और 3 प्लाई मास्क में इस्तेमाल होने वाले फैब्रिक की कीमत वही रहेगी, जो 12 फरवरी 2020 को थी - मतलब 2 प्लाई मास्क की खुदरा कीमत 8 रुपए/मास्क और 3 प्लाई की कीमत 10 रुपए/मास्क से अधिक नहीं होगी।

केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव में प्रयुक्त होने वाले फेस मास्क और सेनिटाइजर की कीमतों में हो रही अनाप-शनाप वृद्धि पर सख्त रुख अपनाते हुए उसके दाम तय करने की घोषणा की। केंद्रीय उपभोक्ता और खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने शुक्रवार (20 मार्च 2020) को यह जानकारी दी। केंद्रीय मंत्री ने अपने ट्वीट में कहा कि 200 मिली सेनिटाइजर की कीमत अबसे 100 रुपए से ज्यादा नहीं होगी और अन्य आकार की बोतलों की कीमत भी इसी अनुपात में रहेंगी। ये कीमतें 30 जून 2020 तक पूरे देश में लागू रहेंगी।

इस ट्वीट के तुरंत बाद देश की बड़ी एफएमसीजी यानी फ़ास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर ने अपने प्रोडक्टस के दाम घटाने की घोषणा कर दी। उसने अपने प्रॉडक्ट्स – लाइफ ब्वॉय सेनिटाइजर, लिक्विड हैंड वॉश और फर्स क्लीनर के दाम 15 फीसदी तक कम कर दिए हैं।

केंद्रीय उपभोक्ता और खाद्य मंत्री रामविलास पासवान के अनुसार कोरोना वायरस के फैलने के बाद से बाजार में विभिन्न फेस मास्क और इनके निर्माण में लगने वाली सामग्री तथा हैंड सेनिटाइजर की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि देखी गई है। जिसके चलते सरकार ने इस मामले की गंभीरता समझ इनकी कीमतें तय कर दी हैं। एक और ट्वीट में उन्होंने कहा, आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत 2 और 3 प्लाई मास्क में इस्तेमाल होने वाले फैब्रिक की कीमत वही रहेगी, जो 12 फरवरी 2020 को थी – मतलब 2 प्लाई मास्क की खुदरा कीमत 8 रुपए/मास्क और 3 प्लाई की कीमत 10 रुपए/मास्क से अधिक नहीं होगी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -