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राजगढ़: असहाय व बुजुर्गों तक राशन और दवाई पहुँचाएगी शिवराज की पुलिस, ताकि बुजुर्ग न हो परेशान

ऐसे बुजुर्ग जिनकी कोई दवाएँ चल रही है, लेकिन वह प्राप्त करने में अभी असफल हैं। उन्हें टेली मेडिसिन एवं डॉक्टरों से ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। राशन का सामान, सब्जी एवं आवश्यक दवाएँ, मोबाइल-टीवी रिचार्ज, मिर्च, आटा, हल्दी आदि पिसवाई जाएगी। आवश्यक ऑनलाइन काम आने पर सहायता पहुँचाना। पढ़ने के लिए विशेष पुस्तकें उपलब्ध करवाने का काम भी पुलिस करेगी।

देश में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए पूरे देश को लॉकडाउन किया गया है। इस समय ज्यादातर लोग अपने घरों में बंद हैं। जबकि पुलिस वाले दिन रात ड्यूटी में लगे हुए हैं ताकि लॉकडाउन का पालन पूरी तरह कराया जा सके। इसी क्रम में कोरोना संकट के दौर में परेशान हो रहे असहाय एवं बुजुर्ग लोगों के लिए शिवराज सिंह द्वारा शासित मध्य प्रदेश के राजगढ़ की पुलिस ने अनोखा कदम उठाया है। जिसके तहत पुलिस द्वारा उनके घरों तक दवा, राशन, चश्मा सहित अन्य ऐसी जरूरी सामग्री पहुँचाने का काम किया जाएगा जो उनके जीवन के लिए जरूरी है।

“वरिष्ठ नागरिक पुलिस पंचायत” के तहत जिले के पुलिस एसपी प्रदीप शर्मा ने बुजुर्गों की मदद के लिए अलग से स्टाफ की तैनाती की है। इसके लिए उन्होंने बकायदा सभी थानों पर एक-एक महिला आरक्षक को इसी कार्य के लिए नियुक्त भी कर दिया है। जिनके मोबाइल नंबर पर फोन लगाकार बुजुर्ग व्यक्ति बेहिचक अपनी परेशानी बता सकते हैं।

लॉकडाउन के चलते जिले में कई ऐसे बुजुर्ग एवं असहाय लोग हैं जो या तो अकेले ही निवास करते हैं या फिर वह चलने-फिरने में सक्षम नहीं है। ऐसे में लॉकडाउन की अवधि में उनके लिए जरूरी सामग्री भी एकत्रित करना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। इसी को देखते हुए जिला पुलिस ने ऐसे बुजुर्गों की मदद करने के लिए यह निर्णय लिया है कि सूचना मिलने पर पुलिस मध्यस्ता करते हुए उनतक सामग्री पहुँचाएगी।

जरूरत की सामग्री का बनाया लिस्ट

पुलिस ने उन सभी सामग्रियों की लिस्ट तैयार की हैं जो उनके रोजाना की जरूरतों को पूरा करेगी। मुख्य रूप से बुजुर्गों को मास्क उपलब्ध कराए जाएँगे। चश्मा टूटने पर उसे ठीक कराया जाएगा। सुनने की मशीन आदि खराब होने पर उसे ठीक कराने एवं उपलब्ध कराने का इंतजाम किया जाएगा। ऐसे बुजुर्ग जिनकी कोई दवाएँ चल रही है, लेकिन वह प्राप्त करने में अभी असफल हैं। उन्हें टेली मेडिसिन एवं डॉक्टरों से ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। राशन का सामान, सब्जी एवं आवश्यक दवाएँ, मोबाइल-टीवी रिचार्ज, मिर्च, आटा, हल्दी आदि पिसवाई जाएगी। आवश्यक ऑनलाइन काम आने पर सहायता पहुँचाना। पढ़ने के लिए विशेष पुस्तकें उपलब्ध करवाने का काम भी पुलिस करेगी।

अक्सर यह देखा गया हैं कि बुजुर्ग अपने बुढ़ापे और बीमारी के कारण अपनी रोजमर्रा की चीजों को करने में सक्षम नही होते। बच्चों को पढ़ा लिखा कर बेहतर भविष्य देने के लिए उन्हें अपने से दूर कर देते हैं। जिसकी वजह से उन्हें अकेले या फिर नौकर चाकर के भरोसे जीवन व्यतीत करना पड़ता है। देश में फैली इस भयानक महामारी की वजह से सरकार ने लॉकडाउन किया हैं ताकि संक्रमण एक से दूसरे में न फैले। और फिर इस हालात में बुजुर्ग वर्ग सबसे अकेला हो गया है। इस मुश्किल घड़ी को देखते हुए राजगढ़ पुलिस सुरक्षा के साथ अब एक बेटे का भी फ़र्ज अदा कर बुजुर्गों के मदद के लिए हरसंभव प्रयास करने में जुटी है।

लॉकडाउन के वक़्त अलग अलग राज्यों की पुलिस मदद की पूरी कोशिश में जुटी हैं। जैसे UP पुलिस को लॉकडाउन के दौरान अगर कोई भूखा दिखा तो उसे खाना खिलाना। किसी पास राशन नहीं था तो गाड़ी से उसके घर राशन पहुँचाना। तो वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे भी ज़ाहिल लोग है जो सुरक्षा कर रही पुलिस पर ही, ईंट और पत्थर बरसा रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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