लॉकडाउन के बीच UP पुलिस का दिखा मानवीय चेहरा, किसी को खिलाया खाना तो कहीं पहुँचाया राशन

लॉकडाउन के बीच UP पुलिस का दिखा मानवीय चेहरा (साभार: दैनिक जागरण)

भले ही उत्तर प्रदेश पुलिस पर अलग-अलग समय में तरह-तरह के आरोप लगते रहे हों, लेकिन लॉकडाउन के बीच यूपी पुलिस का मानवीय चेहरा सामने आया है। इन दिनों सोशल मीडिया के साथ अखबारों में लगातार प्रकाशित हो रही खबरों को देखकर शायद आप भी खुद को UP पुलिस को दिल से सलाम करने से नहीं रोक पाएँगे।

कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में 25 मार्च से लॉकडाउन घोषित कर दिया था। इसके बाद हर कोई नियमों के मुताबिक अपने घरों में कैद हो गया। इस बीच सड़कों पर कोई दिखा तो वह थे पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी।

UP पुलिस को लॉकडाउन के दौरान अगर कोई भूखा दिखा तो उसे खाना खिलाया। किसी पास राशन नहीं था तो गाड़ी से उसके घर राशन पहुँचाया। यही कारण है कि आज हर तरफ योगी की पुलिस के कार्यों की सराहना हो रही है।

दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक नोएडा की पुलिस को डायल 112 पर सूचना मिली कि ग्रेटर नोएडा के तिलपता क्षेत्र में कुछ बच्चे और लगभग 82 लोगों को लॉकडाउन की वजह से खाना नहीं मिला है। बच्चे भूख से बिलख रहे हैं। ये वो परिवार हैं, जो रोज कमाते और रोज खाते हैं। जैसे ही इन लोगों के बारे में पुलिस अधिकारियों को पता चला, डॉयल 112 के इंस्पेक्टर पुलिसकर्मियों के साथ एक पीसीआर वैन में राशन लेकर उन तक पहुँच गए।

पुलिस के इस कदम की जमकर सराहना हुई और यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरसल हुई। वहीं लॉकडाउन के बीच बीते मंगलवार को नोएडा के सेक्टर 22 स्थित चौड़ा गाँव में रहने वाली एक 50 वर्षीय मधुमेह से पीड़ित महिला के घर में राशन नहीं बचा तो महिला के सामने खाना बनाने की भी समस्या आ खड़ी हुई। महिला को आसपास के लोगों से भी मदद की उम्मीद नहीं थी।

इसके बाद बिहार के गया में बैठे महिला के पति ने पुलिस कमिश्नर को मामले की सूचना दी। पुलिस कमिश्नर ने डीसीपी ट्रैफिक को निर्देश दिए। फिर ट्रैफिक पुलिस महिला के घर राशन और दवा लेकर पहुँची। कुछ इसी तरह की खबर पिछले दिनों बरेली से सामने आई। जहाँ एक गर्भवती महिला ने डिलीवरी के समय अपने पति को याद किया। इस अपील को सुनते हुए यूपी की पुलिस ने संकट की घड़ी में बरेली की तमन्ना के लिए उसके पति को लॉकडाउन में बरेली तक पहुँचाया।

वहीं लखनऊ में एक बुजुर्ग महिला की शुगर डाउन हुई तो उन्होंने पुलिस से मदद की गुहार लगाई। उनकी गुहार पर इंस्पेक्टर ने खुद पहुँचकर उनको अपने हाथ से मिठाई खिलाई। पुलिस ने फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए जगह-जगह पर खुद लक्ष्मण रेखा खींच दी है। जगह-जगह पर यह लोग गाना गाने के साथ ही कुछ वाद्ययंत्र बजाकर लोगों को घर में रहने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

यूपी पुलिस की इन तस्वीरों और खबरों को देख प्रदेश के डीजीपी ने भी इनका हौसला बढ़ाया। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी ने कोरोना वायरस के संक्रमण की विषम परिस्थितियों में भी अपने काम को बखूबी अंजाम देने वाले पुलिसकर्मियों का हौसला बढ़ाने के साथ उनका आभार भी जताया है।

इसके साथ ही डीजीपी ने इन सभी को मास्क, ग्लव्स और जरूरी होने पर पीपीई किट का भी इस्तेमाल करने की सलाह दी। कहा, कोरोना से बचाव के लिए फिजिकल डिस्टेंसिंग बहुत जरूरी है। ऐसे में जब अनुशासन और उच्च कोटि के सेवा भाव के लिए पुलिस की प्रशंसा होती है तो बहुत खुशी होती है।

ऑपइंडिया स्टाफ़: कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया
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