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बंगाल: व्हीलचेयर पर डिलीवरी के बाद मर गई महिला, डॉक्टर पूछ रहे थे- लॉकडाउन में बच्चा क्यों प्लान किया?

महिला के पति रवि के मुताबिक अत्यधिक पीड़ा में होने की वजह से उनकी पत्नी को हार्ट अटैक आ गया जिससे उनकी मौत हो गई। मृतक महिला के पति ने आरोप लगाया कि समय पर इलाज ना मिल पाने और डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से उनकी पत्नी की मौत हो गई।

पश्चिम बंगाल के आसनसोल जिला अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से रविवार (जून 7, 2020) रात एक गर्भवती महिला की जान चली गई। मृत महिला के पति रवि कुमार यादव ने आरोप लगाया कि प्रसव पीड़ा से कराह रही उनकी पत्नी से डॉक्टरों ने बेहद बेतुका सा सवाल करते हुए पूछा कि लॉकडाउन में बच्चा क्यों प्लान किया?

न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए रवि कुमार यादव ने कहा, “मैं 5 जून को अपनी पत्नी को आसनसोल जिला अस्पताल में एडमिट कराने के लिए लेकर लाया था। यहाँ लाने के बाद शुरू में मेरी पत्नी का कोई इलाज नहीं किया गया। इतना ही नहीं अस्पताल के एक बेड पर 4-5 मरीजों को एडजस्ट किया गया था और कोरोना के खतरे के बीच सोशल डिस्टेन्सिंग के नियमों की भी धज्जियाँ उड़ाई जा रही थी।”

रवि कुमार यादव ने आगे बताया कि अस्पताल के एक डॉक्टर ने उनकी पत्नी और अन्य गर्भवती महिला से पूछा कि उन्होंने लॉकडाउन में बच्चे का प्लान क्यों किया? महिला के पति ने बताया कि अस्पताल में कोई भी डॉक्टर उनकी पत्नी को देखने के लिए राजी नहीं था।

उन्होंने बताया कि 6 जून को बड़ी मुश्किल से एक डॉक्टर उनकी पत्नी की इलाज के लिए राजी हो गए। इस डॉक्टर ने परिजनों से कहा कि महिला का ऑपरेशन करना होगा। हालाँकि जब महिला को लेबर रूम में ले जाया जा रहा था तब व्हीलचेयर पर ही उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। महिला की डिलीवरी व्हीलचेयर पर ही हुई।

महिला के पति रवि के मुताबिक अत्यधिक पीड़ा में होने की वजह से उनकी पत्नी को हार्ट अटैक आ गया जिससे उनकी मौत हो गई। मृतक महिला के पति ने आरोप लगाया कि समय पर इलाज ना मिल पाने और डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से उनकी पत्नी की मौत हो गई। जब डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया, उस वक्त उनका बच्चा भी साँस नहीं ले पा रहा था और अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा नहीं होने की वजह से उसकी भी मौत हो गई।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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