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चप्पल उतारीं, सिर झुकाया… फिर तिरंगे को किया सलाम: बुजुर्ग महिला का जज्बा CCTV में कैद, वीडियो वायरल

यह कोई वीडियो शूट नहीं है। ना ही कोई मॉडल हैं, जिन्हें खुद को फेमस करना है। यह एक बुजुर्ग महिला हैं, जिन्हें रास्ते में चलते हुए तिरंगा दिखता है। वो रुकती हैं, चप्पल खोलती हैं, मत्था टेकती हैं और फिर तिरंगे को सलाम करती हैं। राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के लिए यह सम्मान... शायद वामपंथी कभी नहीं समझ सकते!

भारत के आम जनमानस के मन में भारतीय प्रतीक चिह्नों, खासकर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा झंडा के लिए जो सम्मान है, वो वामपंथी कभी नहीं समझ सकते। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला किस तरह से राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा झंडा के साथ पेश आती हैं, वो देखने लायक है। गौर करने वाली बात है कि उस समय उस महिला को नहीं पता होता है कि उनका वीडियो बनाया जा रहा है।

वीडियो मे देखा जा सकता है कि सड़क से गुजर रही वो महिला जैसे ही तिरंगा झंडा को देखती हैं, वो वहाँ रुक जाती हैं। इसके हाथ में थैला है, जिसे वो जमीन पर ही रख देती हैं और चप्पल खोल कर झंडे की ओर बढ़ती हैं। बता दें कि भारतीय परंपरा में पूजा स्थलों और पवित्र जगहों पर जूते-चप्पल उतार कर ही जाने का रिवाज रहा है। ऐसे में उक्त महिला के मन में तिरंगा झंडा के लिए भी वही सम्मान है, जो देवी-देवताओं के लिए।

इसके बाद वीडियो में महिला को झंडे के पास आकार उस पर मत्था टेकते हुए देखा जा सकता है। साथ ही वो दोनों हाथों से झंडे को प्रणाम करती हैं। महिला तिरंगा झंडा के पास की मिट्टी को छू कर आशीर्वाद लेती हैं। वीडियो में ये सारा दृश्य कैद हो गया, जिसका उस माहिला को पता भी नहीं चला। ट्विटर पर इस वीडियो को शेयर करते हुए लोगों ने लिखा कि जमात ए लिबरल और जेहादियों के मुँह से भारत माता की जय नहीं बोला जाता लेकिन करोड़ों भारतीय देश को माँ से कम नहीं मानते।

एक तरह से ये बात सही भी है क्योंकि रामायण में ही भगवान श्रीराम ने जन्मभूमि की तुलना माता से कर के ये बता दिया है कि व्यक्ति के लिए राष्ट्र का वही स्थान है, जो उसके घर मे उसकी माँ का। हिन्दू धर्म में बच्चों को शुरू से ही देश और राष्ट्रीय प्रतीक चिह्नों का वैसे ही सम्मान करना सिखाया जाता है, जैसे कि हिन्दू देवी-देवताओं का। दोनों को अलग कर के नहीं देखा जाता। तभी अपने देश को हम भारत माँ कहते हैं।

शनिवार (अगस्त 15, 2020) को पूरे देश में 74वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाया गया और इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किला पर झंडा फहराया। इस दौरान दरभंगा और गोपालगंज के स्कूलों में बाढ़ मे डूबे लोग भी अपनी छाती तक पानी में पैठ कर ध्वजारोहण करते नजर आए। तिरंगा के लिए हमारे देश के आम लोगों के मन में जो सम्मान है, वो देश के हर कोने से आई इन घटनाओं से झलक जाता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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