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100 साल पहले बनारस से चोरी, कनाडा से लाई गई माँ अन्नपूर्णा की मूर्ति: मन की बात में PM मोदी ने बताया- गर्व का पल

पीएम मोदी ने कहा कि माता अन्नपूर्णा का काशी से बहुत ही विशेष संबंध है। अब उनकी प्रतिमा का वापस आना हम सभी के लिए सुखद है। माता अन्नपूर्णा की प्रतिमा की तरह ही हमारी विरासत की अनेक अनमोल धरोहरें, अंतर्राष्ट्रीय गिरोंहों का शिकार होती रही हैं।

नवंबर 2020 के आखिरी रविवार (नवंबर 29, 2020) को पीएम नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ की। पीएम ने बताया कि वाराणसी से 100 साल पूर्व चोरी गई माँ अन्‍नपूर्णा की मूर्ति काे कनाडा से वापस लाना गर्व का पल है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा, “हर भारतीय यह जानकर गर्व महसूस करेगा कि देवी अन्नपूर्णा की एक प्राचीन मूर्ति को कनाडा से भारत वापस लाया जा रहा है। लगभग 100 साल पहले 1913 में इस मूर्ति को वाराणसी के एक मंदिर से चुराकर देश से बाहर ले जाया गया था। मैं कनाडा की सरकार और इस पुण्य कार्य को सम्भव बनाने वाले सभी लोगों का इस सहृदयता के लिए आभार प्रकट करता हूँ।”

पीएम मोदी ने कहा कि माता अन्नपूर्णा का काशी से बहुत ही विशेष संबंध है। अब उनकी प्रतिमा का वापस आना हम सभी के लिए सुखद है। माता अन्नपूर्णा की प्रतिमा की तरह ही हमारी विरासत की अनेक अनमोल धरोहरें, अंतर्राष्ट्रीय गिरोंहों का शिकार होती रही हैं। ये गिरोह अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इन्हें बहुत ऊँची कीमत पर बेचते हैं। अब इन पर सख्ती की जा रही है। साथ ही इनकी वापसी के लिए भारत ने अपने प्रयास भी बढ़ाए हैं। ऐसी कोशिशों की वजह से बीते कुछ वर्षों में भारत कई प्रतिमाओं और कलाकृतियों को वापस लाने में सफल रहा है।

पीएम ने कहा कि माता अन्नपूर्णा की प्रतिमा की वापसी के साथ, एक संयोग ये भी जुड़ा है कि कुछ दिन पूर्व ही World Heritage Week मनाया गया है। World Heritage Week, संस्कृति प्रेमियों के लिए, पुराने समय में वापस जाने, उनके इतिहास के अहम पड़ावों का पता लगाने का एक शानदार अवसर प्रदान करता है। कोरोना कालखंड के बावजूद भी इस बार हमने innovative तरीके से लोगों को ये Heritage Week मनाते देखा। Crisis में culture बड़े काम आता है, इससे निपटने में अहम भूमिका निभाता है। Technology के माध्यम से भी culture एक emotional recharge की तरह काम करता है।

दरअसल, इसी माह 5 -25 नवंबर तक वर्ल्ड हेरिटेज वीक की कनाडा में शुरुआत के दौरान भारतीय मूल की एक आर्टिस्ट दिव्‍या मेहरा की नजर मूर्ति पर पड़ी और उन्होंने इस प्रकरण को उठाया तो कनाडा यह पौराणिक महत्व की मूर्ति भारत को सौंपने को सहर्ष तैयार हो गया। इसे देश में लाने की अब तैयारी की जा रही है। इसी माह मैकेंजी आर्ट गैलरी में रेजिना विश्वविद्यालय के संग्रह से काशी से चोरी गई माता अन्नपूर्णा की प्रतिमा को अंतरिम राष्ट्रपति और विश्वविद्यालय के उपकुलपति थॉमस चेस ने कनाडा में भारत के उच्चायुक्त अजय बिसारिया को 19 नवंबर को एक सादे समारोह में सौंप दिया था।

अजय बिसारिया ने कहा था, “हम खुश हैं कि अन्नपूर्णा की यह अद्वितीय मूर्ति अब अपने घर जाने को है। भारत की इस सांस्कृतिक प्रतिमा को वापस करने की और यूनिवर्सिटी ऑफ़ रिजायना के इस सक्रिय जुड़ाव के लिए मैं इनका आभारी हूँ। स्वेच्छा से इस सांस्कृतिक निधि को लौटाने का कदम परिपक्वता तथा भारत-कनाडा के गहरे सम्बन्ध को दर्शाता है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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