HomeराजनीतिCovid डेथ आँकड़ों में हेरफेर है 'मुंबई मॉडल': अमित मालवीय ने आँकड़ों से उड़ाई...

Covid डेथ आँकड़ों में हेरफेर है ‘मुंबई मॉडल’: अमित मालवीय ने आँकड़ों से उड़ाई BMC के प्रोपेगेंडा की धज्जियाँ

अमित मालवीय ने अपने ट्वीट में बताया कि संक्रमण की पहली लहर के दौरान मुंबई में ‘अन्य कारणों से होने वाली मौतें’ 12% थीं लेकिन दूसरी लहर में इनका अनुपात अचानक से बढ़कर 39.4% हो गया। उन्होंने बताया कि इस दौरान शेष महाराष्ट्र के लिए इन आँकड़ों में थोड़ा बहुत अंतर ही था।

15 मई को भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कोरोना वायरस संक्रमण को नियंत्रित करने का दावा करने वाली बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के ‘मुंबई मॉडल’ पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘मुंबई मॉडल’ और कुछ नहीं बल्कि कोरोना वायरस संक्रमण से हुई मौतों पर पर्दा डालना है। उन्होंने अपने ट्वीट में मार्च 2020 से अप्रैल 2021 और 1 फरवरी 2021 से 30 अप्रैल 2021 तक के आँकड़ों को बताया है।

अमित मालवीय ने अपने ट्वीट में बताया कि संक्रमण की पहली लहर के दौरान मुंबई में ‘अन्य कारणों से होने वाली मौतें’ 12% थीं लेकिन दूसरी लहर में इनका अनुपात अचानक से बढ़कर 39.4% हो गया। उन्होंने बताया कि इस दौरान शेष महाराष्ट्र के लिए इन आँकड़ों में थोड़ा बहुत अंतर ही था।

अमित मालवीय ने अपने ट्वीट में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता देवेन्द्र फड़नवीस के द्वारा लिखा गया पत्र भी पोस्ट किया। फड़नवीस ने यह पत्र 8 मई 2021 को राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखा था। इस पत्र में कहा गया था कि राज्य सरकार कोरोना वायरस के आँकड़ों को छुपा रही है और पीआर एजेंसियों और सेलिब्रिटीज की सहायता से संक्रमण के काबू में होने का झूठा नैरेटिव बना रही है। फड़नवीस ने विशेष तौर पर BMC पर Covid-19 से हुई मौतों के आँकड़ों में हेरफेर करने का आरोप लगाया और पत्र में इससे संबंधित डाटा भी दिया।

पिछले 24 घंटों में महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के 34,848 नए मामले आए जबकि इसी दौरान स्वस्थ होने वालों की संख्या 59,073 रही। संक्रमण के मामले जरूर कम हो रहे हैं लेकिन रोजाना मौतें अभी भी ज्यादा हैं। महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों में 960 मौतें हुई हैं।

राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या 5,344,063 पहुँच गई है और वर्तमान में सक्रिय मरीज 4,94,032 हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सोनम वांगचुक ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग से बनाई दूरी, CJP में फूट के बाद क्या अब आंदोलन की उलटी गिनती हो...

शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की माँग पर छात्र आंदोलन बंटता हुआ दिख रहा है। जहाँ सोनम वांगचुक ने इसे अपनी शर्तों में तरजीह नहीं दी है वहीँ सीजेपी की यह पहली शर्त है।

रवीश कुमार तुम ही पत्रकारों की पिटाई के जिम्मेदार हो, खुद ‘गोदी’ में बैठ करते रहे पत्रकारिता… अब चला रहे ‘गोदी मीडिया’ वाला प्रोपेगेंडा

रवीश कुमार की मौकापरस्ती सिर्फ एक व्यक्ति का पतन नहीं है, बल्कि यह उस विचार का पतन है जो खुद को 'पत्रकार' कहकर जनता को गुमराह करता रहा है।
- विज्ञापन -