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जम्मू-कश्मीर के लोग अपने पूर्व मुख्यमंत्री को जेल में डालने के लिए धरने पर बैठे, कर रही थीं पाकिस्तान की वकालत

"कश्मीर के मसले पर पाकिस्तान भी एक पार्टी, उससे भी बात करो" - भारत के टुकड़े पर पलने वाली, भारतीयों के वोट से जीत कर मुख्यमंत्री बनने वाली महबूबा मुफ्ती के इस बयान के बाद एक CID इंस्पेक्टर और एक मोबाइल की दुकान चलाने वाले की आतंकियों द्वारा हत्या की जा चुकी है।

पीएम नरेंद्र मोदी गुरुवार (जून 24, 2021) को दिल्ली में जम्मू कश्मीर के राजनीतिक भविष्य के लिए विभिन्न राजनीतिक संगठनों से बात कर रहे हैं। लेकिन, इस बातचीत से ठीक पहले जम्मू से यह माँग उठ रही है कि पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को बैठक में ना बुलाकर तिहाड़ जेल भेजा जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को जम्मू कश्मीर के विभिन्न राजनीतिक दलों संग बैठक कर प्रदेश के सियासी भविष्य पर बात करेंगे। इस बातचीत में शामिल होने के लिए जम्मू से नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला, कॉन्ग्रेस से गुलाम नबी आजाद और प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर, बीजेपी से डॉ निर्मल सिंह, कवीन्द्र गुप्ता और रविंद्र रैना जबकि कश्मीर से अल्ताफ बुखारी और सज्जाद लोन जैसे कई नेता पहुँचे हैं। लेकिन इस बैठक के शुरू होने से पहले ही जम्मू में पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की गिरफ्तारी की माँग उठ रही है।

महबूबा को तिहाड़ जेल में भेजने की माँग को लेकर शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने जम्मू में प्रदर्शन किया। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “यह आंदोलन महबूबा मुफ्ती के बयान के खिलाफ है, जो उन्होंने गुपकार गठबंधन दलों की मीटिंग के बाद दिया था। उनका कहना था कि कश्मीर के मसले पर पाकिस्तान भी एक पार्टी है और उससे बातचीत की जानी चाहिए। उन्हें इस बयान के लिए जेल भेजा जाना चाहिए।”

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जब-जब पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने पाकिस्तान के समर्थन में बयान दिए हैं, उसका नतीजा कश्मीर की सड़कों पर लहू (खून) बिखेरकर हुआ है। उन्होंने कहा कि हाल ही में जो पाकिस्तान के समर्थन में महबूबा ने बयान दिया, उसके बाद कश्मीर में न केवल एक सीआईडी के इंस्पेक्टर को मौत के घाट उतारा गया बल्कि एक मोबाइल की दुकान चलाने वाले आम नागरिक को भी आतंकियों ने मौत के घाट उतारा।

शिवसेना ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के समर्थन वाले इन बयानों के चलते कश्मीर में धीरे-धीरे लौट रहा अमन बिगड़ रहा है। उन्होंने कहा कि महबूबा के इन्हीं बयानों से आतंकवादियों को प्रोत्साहन मिलता है और वह कश्मीर की सड़कों पर खून बहाते हैं। शिवसेना ने माँग की है कि महबूबा को दिल्ली में बैठक के लिए नहीं बल्कि तिहाड़ जेल में बंद करने के लिए करने के लिए बुलाया जाना चाहिए। शिवसैनिकों ने माँग की कि अब महबूबा को दिल्ली से जम्मू कश्मीर नहीं आने दिया जाना चाहिए और उन्हें वहीं तिहाड़ जेल में बंद किया जाना चाहिए।

बता दें कि बीते दिनों श्रीनगर में गुपकार गैंग की मीटिंग हुई थी। मीटिंग के बाद महबूबा मुफ्ती ने मीडिया से बात की थी। तभी महबूबा ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर के मसले पर सरकार को हर किसी से बात करनी चाहिए, पाकिस्तान से भी बात करनी चाहिए। हालाँकि, बाद में जब महबूबा मुफ्ती दिल्ली के लिए रवाना हुईं, तब उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री संग बात करने के लिए जा रही हैं, ऐसे में खुले मन के साथ ही चर्चा करेंगी। गुपकार गैंग के नेताओं ने मीटिंग में अनुच्छेद 370, 35 ए समेत अन्य मसलों को उठाने की बात कही।

घाटी में आतंकी हमले के मिले इनपुट, सुरक्षा कड़ी

दिल्ली में सर्वदलीय बैठक के मद्देनजर खासकर घाटी में आतंकी घटनाओं के इनपुट के बाद सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया गया है। अगले 48 घंटे में कश्मीर में सुरक्षा बलों पर ग्रेनेड व आईईडी हमले तथा हथियार लूट की घटनाओं को आतंकियों की ओर से अंजाम दिए जाने के इनपुट हैं। इसके बाद पूरी घाटी में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया गया है। साथ ही सुरक्षा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

बताया जा रहा है कि सभी नेशनल हाईवे समेत तमाम सड़कों पर नाके बढ़ा दिए गए हैं। जगह-जगह वाहनों की चेकिंग की जा रही है। इसके साथ ही सुरक्षा बलों के काफिले गुजरने वाले रास्तों तथा हाईवे से जुड़ने वाले रास्तों पर भी सतर्कता बढ़ाई गई है। रोड ओपनिंग पार्टियों को और गहनता के साथ छानबीन करने को कहा गया है। ड्यूटी के दौरान जवानों को पूरी तरह मुस्तैद रहने को कहा गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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