Homeदेश-समाजअमेजन को ED का समन, ₹1500 करोड़ के निवेश में गड़बड़ी का मामला: अधिकारियों...

अमेजन को ED का समन, ₹1500 करोड़ के निवेश में गड़बड़ी का मामला: अधिकारियों से होगी पूछताछ

अमेजन ने 2019 में 'फ्यूचर कूपन' में 200 मिलियन डॉलर (15,01,06,00,000 भारतीय रुपए) का निवेश कर 49 फीसदी की हिस्सेदारी खरीदी थी।

विदेशी निवेश के नियमों के उल्लंघन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अमेजन और फ्यूचर कूपन प्राइवेट लिमिटेड (FCPL) के अधिकारियों को पूछताछ के लिए तलब किया है। दोनों ही कंपनियों के अधिकारियों को अगले सप्ताह दिल्ली स्थित ED के मुख्यालय में उपस्थित होने को कहा गया है। जाँच एजेंसी ने ये समन अमेजन के कंट्री हेड अमित अग्रवाल और फ्यूचर ग्रुप के प्रमोटरों को जारी किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को अमेजन के प्रवक्ता ने रॉयटर्स को बताया है कि उन्हें फ्यूचर ग्रुप के मामले में एक नोटिस मिला है। प्रवक्ता ने कहा, “चूँकि हमें अभी-अभी समन मिला है, हम इसकी जाँच कर रहे हैं और दी गई समय सीमा के भीतर जवाब देंगे।”

प्रवर्तन निदेशालय ने फ्यूचर ग्रुप के कम से कम दो और अमेजन के दो अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया है। सूत्रों के मुताबिक, इन सभी को 6 दिसंबर 2021 तक जाँच एजेंसी के सामने उपस्थित होना होगा। फिलहाल, फ्यूचर ग्रुप और प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले टिप्पणी करने से इनकार किया है।

क्या है मामला

साल 2019 में अमेजन ने फॉरेन मैनेजमेंट एक्ट (फेमा) के तहत इंडिया में फ्यूचर ग्रुप की गिफ्ट वाउचर यूनिट ‘फ्यूचर कूपन’ में 200 मिलियन डॉलर (15,01,06,00,000 भारतीय रुपए) का निवेश कर 49 फीसदी की हिस्सेदारी खरीदी थी। हालाँकि, दोनों कंपनियों के बीच हुआ यह सौदा विवादों के घेरे में है। इसके अलावा बिग बाजार और फूड बाजार चलाने वाली प्रमोटर इकाई एफसीपीएल के पास भी फ्यूचर रिटेल की 10 फीसदी हिस्सेदारी है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रवर्तन निदेशालय एफसीपीएल में हिस्सेदारी खरीद के साथ फ्यूचर रिटेल में अमेजन के कंट्रोलिंग राइट्स की जाँच भी कर रहा है। इस मामले में टिपप्णी करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि ऐसा लगता है कि कंपनी ने सरकार की उचित मंजूरी लिए बिना फ्यूचर रिटेल पर अप्रत्यक्ष नियंत्रण कर लिया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कॉन्ग्रेस ने अडानी पर किया वार, चीन को पहुँचा सीधा फायदा: केन्या सरकार ने नैरोबी एयरपोर्ट का टेंडर बदला, चीनी कंपनी को 50% महंगे...

केन्या के नैरोबी एयरपोर्ट विस्तार प्रोजेक्ट में अडानी की जगह चीनी कंपनी को ठेका मिलने से आर्थिक और राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। इन सबमें चीन का नाम क्यों आ रहा है... आइए जानें

एक दीपक जलाने पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने मचा दिया बवाल… केरल के निलाविलक्कु विवाद से क्या समझे आप? क्या सेक्युलर होने का ठेका सिर्फ...

फातिमा तहिलिया विवाद के बाद फिर उठे सवाल- जब दूसरे समुदाय अपनी धार्मिक सीमाएँ तय करते हैं, तो समायोजन की उम्मीद सिर्फ हिंदुओं से क्यों?
- विज्ञापन -