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500 के इतने बंडल की आँखें चौंधिया जाए, गिनती करने में मशीन भी हाँफ गए: जानिए, समाजवादी इत्र से क्या है पीयूष जैन का रिश्ता

ताया जा रहा है कि इन्हीं पीयूष जैन की उपज समाजवादी इत्र है, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लॉन्च किया था।

आपने अजय देवगन की फिल्म ‘रेड’ देखी है? फिल्म में एक नेता के घर छापे के बाद नोटों की बरसात देखी है? इस बार ऐसा ही कुछ असल जिंदगी में हुआ है। हालाँकि जिससे यह खबर जुड़ी है वह खुद तो कारोबारी हैं पर सियासत से भी उनका नाता है। रिपोर्टों के अनुसार आयकर विभाग (IT रेड) ने इत्र कारोबारी पीयूष जैन के कानपुर वाले घर पर दबिश दी तो 500 रुपए के नोटों की गडि्डयों से भरे आलमारी मिले।

रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि जैन के घर से करीब 150 करोड़ रुपए मिले हैं। बताया जाता है कि आयकर विभाग की टीम के पास नोट गिनने की 4 मशीन थी। इससे काम नहीं बना तो और मशीनें लाई गई। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) से स्टाफ बुलाए गए। बताया जा रहा है कि इन्हीं पीयूष जैन की उपज समाजवादी इत्र है, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लॉन्च किया था। इनकम टैक्स विभाग की यह दबिश गुरुवार (23 दिसम्बर) को पड़ी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जैन का घर कानपुर के आनंदपुरी क्षेत्र में हैं। छापे के दौरान बरामद अधिकतर बंडलों में 500 रुपए के नोट हैं। बरामद रकम इतनी ज्यादा थी IT टीम जो 4 मशीन लेकर पहुँची थी वह कम पद गई। इसके बाद नोटों की गिनती के लिए कुछ अन्य मशीनें और SBI के प्रशिक्षित स्टाफ बुलाए गए।

पीयूष जैन, समाजवादी पार्टी के MLC पुष्पराज जैन पम्मी के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। हमने इस संबंध में पम्मी जैन से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फ़ोन नहीं उठाया। पीयूष जैन मूल रूप से पीयूष जैन कन्नौज के रहने वाले हैं। इत्र के अलावा उनके कई और कारोबार बताए जा रहे। इनकी 2 कम्पनियाँ मिडिल ईस्ट में भी है। इसलिए इनकम टैक्स ने इनसे जुड़े कानपुर, मुंबई और कन्नौज के तमाम ठिकानों पर एक साथ छापा मारा।

इस छापेमारी से एक दिन पहले बुधवार को शिखर पान मसाला के मालिक के घर इनकम टैक्स की छापेमारी हुई थी। यहाँ पर फर्जी फर्म के नाम पर फर्जी बिल पाए गए थे। फैक्ट्री के स्टॉक में कच्चे माल और तैयार माल में भी अंतर मिला था। बताया जा रहा है कि वहीं से जैन और केके अग्रवाल के सुराग मिले थे। इससे पहले आयकर विभाग ने समाजवादी पार्टी के नेताओं से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसमें 68 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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