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लखनऊ में मिली थी माँ-बाप और बेटे की सिर कटी लाश: यूपी पुलिस ने किया इस ट्रिपल मर्डर केस का सनसनीखेज खुलासा, सरफराज गिरफ्तार

यूपी पुलिस की जाँच में जैसे ही यह बात सामने आई कि तीनों लाशों में आपसी नाता है। पुलिस को पता चला कि मरने वाले तीनों कोई और नहीं माँ-बाप और उनका बेटा है। फिर मामले का सिरा खुलते देर नहीं लगा।

इस साल की शुरुआत में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से हत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया था। जिसमें एक के बाद एक तीन मौतें हुईं लेकिन इसके तार थोड़े उलझे हुए थे। सबसे पहली लाश 6 जनवरी, 2022 को इटौंजा में 26 साल के एक युवक की मिली। इसके दो दिन बाद 8 जनवरी को मलिहाबाद में एक बुजुर्ग का शव मिला और फिर 13 जनवरी को मॉल इलाके में एक बुजुर्ग महिला की लाश मिली। यह तीनों मामले इसलिए भी चौकाने वाले थे कि इन सब की हत्या बहुत ही जघन्य तरीके से गला काटकर हुई थी।

यूपी पुलिस की जाँच में जैसे ही यह बात सामने आई कि तीनों लाशों में आपसी नाता है। पुलिस को पता चला कि मरने वाले तीनों कोई और नहीं माँ-बाप और उनका बेटा है। फिर मामले का सिरा खुलते देर नहीं लगा।

न्यूज़ 18 की रिपोर्ट के रिपोर्ट के अनुसार, आईजी लखनऊ रेंज लक्ष्मी सिंह ने बताया कि सबसे पहले युवक की सिर कटी लाश मिलने पर बीकेटी पुलिस ने जाँच शुरू की तो पता चला कि लखनऊ कमिश्नरेट के विकासनगर इलाके के रहने वाले रिटायर्ड इंडियन ऑयल अफसर महमूद अली खाँ और उनकी पत्नी भी जम्मू-कश्मीर के रामबन से लापता हो गए हैं। आईजी लक्ष्मी सिंह ने बताया कि सीओ नवीना शुक्ला को मामले के खुलासे की जिम्मेदारी दी गई, जिसके बाद सीओ ने एसपी रामबन से बातचीत की।

सीओ की अगुआई में जब जाँच टीम रिटायर्ड अफसर के घर गई तो वहाँ पूछताछ के दौरान ही रिटायर्ड अफ़सर के बड़े बेटे सरफराज पर पुलिस को संदेह हुआ। यूपी पुलिस ने जब सरफराज के साथ सख़्ती से पूछताछ की तो पूरे मामले में जो खुलासा हुआ उसने इस ट्रिपल मर्डर की गुत्थी को सुलझा दिया। जिसके बाद पुलिस ने बुजुर्ग दंपति के दूसरे बेटे आरोपित सरफराज और उसके साथी अनिल यादव को गिरफ्तार कर लिया।

रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस हिरासत में आरोपित बेटे सरफराज ने बताया कि उसके पिता उसे पसंद नहीं करते थे और उसे डर था कि कहीं पिता सारी जायदाद छोटे बेटे शावेज़ को न दे दें। सरफराज ने आरोप लगाया उसके पिता उसके साथ टोना टोटका करते थे। उसने बताया कि उसके पिता उसे बिरयानी में कुछ मिलाकर देते थे। ऐसे में सरफराज ने उनकी हत्या की साजिश रचते हुए अपने मित्र अनिल यादव के साथ मिलकर 5 जनवरी की रात 90 नींद की गोलियाँ दाल में मिलाकर माँ-बाप और भाई को खिला दी। फिर सबके सो जाने के बाद बिस्तर पर ही सबको हलाल कर दिया।

यूपी पुलिस को पूछताछ में सरफराज ने यह भी खुलासा कर दिया कि हत्या के बाद उसने ही पिता का शव मलिहाबाद में, माँ का मॉल में और भाई का शव इटौंजा में फेंका था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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