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कनाडा में भारतीय मूल के रेडियो होस्ट पर हमला, दीप सिद्धू के प्रार्थना सभा में खालिस्तानी झंडे और भारत विरोधी नारे का किया था विरोध

पंजाबी एक्टर दीप सिद्धू की मौत पर कनाडा में आयोजित की गई प्रार्थना सभा में शहर के मेयर के सामने खालिस्तानी झंडों के साथ भारत विरोधी नारे लगाए गए थे। इस मामले में कनाडा के सामने भारत ने चिंता व्यक्त की थी।

कनाडा (Canada) में भारतीय मूल के रेडियो होस्ट दीपक पुंज को खालिस्तान (Khalistan) का विरोध करना भारी पड़ गया है। खालिस्तान की आलोचना करने के कारण बुधवार (23 फरवरी 2022) को उन पर ग्रेटर टोरंटो एरिया में हमला किया गया। दीपक पुंज ‘फ्रंटलाइन रेडियो’ में पंजाबी भाषा के टॉक शो को होस्ट करते हैं। पुंज ने अपने शो में रविवार (20 फरवरी 2022) को ब्रैम्पटन (कनाडा) में घटी एक घटना की आलोचना की थी, जहाँ पर खालिस्तानी झंडे फहराए गए थे और भारत विरोधी नारेबाजी की गई थी।

शो करने के अगले दिन बुधवार को पुंज अन्य दिनों की भाँति ही अपनी स्टूडियो वाली बिल्डिंग की तरफ जा रहे थे। तभी तीन अज्ञात लोगों ने उन पर हमला कर दिया। हमलावरों ने उन पर तमंचा और खाली शराब की बोतल से वार किया। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावरों ने वारदात से पहले उनसे पूछा कि क्या उन्होंने इस विषय पर कोई शो किया है और इसके बाद हमला कर दिया। इस दौरान हमलावर अंग्रेजी और पंजाबी में बात कर रहा था।

पुंज ने घटना की सूचना स्थानीय कानून प्रवर्तन को दी। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस को उस गाड़ी की लाइसेंस प्लेट के अंतिम तीन नंबर भी दिए, जिसमें हमलावर सवार होकर आए थे। फिलहाल पुलिस घटना की जाँच कर रही है। रेडियो होस्ट पुंज ने कहा, “मुझे इसलिए परेशान किया जा रहा है, क्योंकि मैं पंजाब से हूँ और मैं खालिस्तान का विरोध करता हूँ।”

गौरतलब है कि पंजाबी एक्टर दीप सिद्धू (Deep Sidhu) की मौत के बाद उनके लिए कनाडा (Canada) में आयोजित की गई प्रार्थना सभा में खालिस्तानी झंडों (Khalistani Flag) के साथ भारत विरोधी नारे लगाए गए थे। हैरानी की बात है कि ग्रेटर टोरंटो में हुए इस कार्यक्रम में स्थानीय मेयर भी शामिल हुए थे। इस पूरे मामले पर भारत ने चिंता व्यक्त की थी और कनाडा सरकार को इस बारे में अवगत कराया था। भारत सरकार की चिंता अलगाववादी खालिस्तान आंदोलन के झंडों के बीच मेयर ब्राउन के भाषण को लेकर थी। दीपक पुंज ने भी इसी की आलोचना की थी। 

हाल ही में एक सड़क हादसे में दीप सिद्धू की मौत हो गई थी। केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के विरोध में हुए किसान आंदोलन का वह प्रमुख चेहरा थे। 26 जनवरी 2021 के दिन निकाली गई ट्रैक्टर परेड के दौरान लाल किले पर व दिल्ली के अंदर हुई हिंसा के मामले में दीप सिद्धू का नाम था। इस मामले में वह मुख्य आरोपित थे और उन्हें जेल जाना पड़ा था। उनके अंतिम संस्कार में भी ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगे थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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