Homeविविध विषयPAK: हैदराबाद में नाबालिग हिन्दू लड़की अगवा, जबरन धर्म बदलवा कराया निकाह

PAK: हैदराबाद में नाबालिग हिन्दू लड़की अगवा, जबरन धर्म बदलवा कराया निकाह

इससे पहले मार्च में भी दो नाबालिग हिन्दू लड़कियों को उनके घर से अगवा कर लिया गया था। जबरन धर्म परिवर्तन के बाद दोनों का बुजुर्गों के साथ निकाह करवा दिया गया था।

पाकिस्तान में हिन्दू लड़कियों को अगवा कर जबरन उनका धर्म परिवर्तन कराने का सिलसिला खत्म होता नहीं दिख रहा। अब ऐसी ही एक घटना पाकिस्तान के हैदराबाद जिले से सामने आई है। पीड़ित लड़की पूजा कुमारी महज 13 साल की है। धर्म परिवर्तन के बाद उसका सैयद इरशाद शाह से निकाह करवा दिया गया।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पीड़िता हैदराबाद जिले के होसरी तालुका के गांव बख्शो लाघरी निवासी फतन राठौर की बेटी है। फतन की शिकायत पर होसरी पुलिस सटेशन में सेक्शन 365-बी (शादी करने की नीयत से महिला को अगवा करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मानवाधिकार कार्यकर्ता और वकील अख्तर लघारी के साथ पीड़ित परिवार थाने पहुॅंचा था।

मामला दर्ज किए जाने की पुष्टि करते हुए पुलिस ने बताया है कि इरशाद के भाई को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि वह खुद फरार है। पीड़िता की अब तक बरामदगी नहीं हो पाई है।

पाकिस्तान में हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए है। 20 मार्च को दो नाबालिग हिन्दू लड़कियों रवीना (13) और रीना (15) को सिंध प्रांत स्थित उनके घर से अगवा कर लिया गया था। बाद में जबरन धर्म बदलवाकर एक बुर्जुग से उनका निकाह करवा दिया गया। इस मामले के सामने आने के बाद पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिन्दुओं पर अत्याचार को लेकर काफी हंगामा मचा था।

इस घटना के चंद दिनों के भीतर ही सिंध प्रांत के बादिन जिले में मेघवार समुदाय की एक नाबालिग लड़की को इसी तरह अगवा कर लिया गया था।

यूरोपियन पार्लियामेंट के सदस्यों द्वारा हाल ही में जारी की गई रिपोर्ट में पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ होने वाले जुल्मों का उल्लेख किया गया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक हर साल अल्पसंख्यक समुदाय की करीब एक हजार लड़कियों का जबरन धर्म बदलवाया जाता है। यह संख्या और ज्यादा हो सकती है, क्योंकि काफी मामले दर्ज ही नहीं होते। रिपोर्ट से यह भी पता चलता है कि कैसे इस तरह के मामलों को प्रशासन दबाने की कोशिश करता है। ज्यादातर मामलों में पुलिस का झुकाव पाकिस्तान के बहुसंख्यक समुदाय की तरफ ही होता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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