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बिहार की राजनीति को बदलने के लिए PK करेंगे 3000km की पदयात्रा: कहा- 30 साल के शासन में भी लालू-नीतीश ने बिहार को गरीब-पिछड़ा बनाए रखा

पीके ने कहा कि लोगों से संवाद के बाद अगर 4-5 हजार लोग कहते हैं कि किसी राजनीतिक पार्टी बनाने की जरूरत है, तब वे इसकी घोषणा करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर राजनीतिक पार्टी बनती है तो यह उन सभी लोगों की पार्टी होगी, जो इस परिकल्पना से जुड़कर इस राजनीतिक संगठन के निर्माण में अपनी भागीदारी देंगे।

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर उर्फ पीके (Prashant Kishor- PK) फिलहाल राजनीतिक दल के गठन के कयासों पर विराम लगा दिया है, लेकिन भविष्य की संभावनाओं के लिए पर्याप्त स्थान छोड़ रखा है। पटना में गुरुवार (5 मई 2022) को उन्होंने कहा कि वह बिहार के लोगों के साथ पहले 3-4 महीने संवाद स्थापित करेंगे और फिर 2 अक्टूबर से पश्चिम चंपारण से पदयात्रा शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि इस दौरान वे समाज के विभिन्न तबके के लोगों से मुलाकात स्थिति को समझने का प्रयास करेंगे। इसके बाद पार्टी बनाने पर विचार किया जाएगा।

बता दें कि कॉन्ग्रेस से बात नहीं बनने के बाद कहा जा रहा था कि प्रशांत किशोर जल्द ही एक राजनीतिक दल के गठन का ऐलान कर सकते हैं। हालाँकि, फिलहाल इस संभावना से उन्होंने इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में 17,000 लोगों को चिन्हित किया गया है और वे उनसे मिलकर बात करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अपनी ‘जन सुराज’ यात्रा के तहत वे बिहार में 3,000 किलोमीटर की पदयात्रा 8 महीनों में पूरा करेंगे। इस दौरान वे हर गाँव और शहर को कवर करने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति मिलने का इच्छुक होगा, वे उससे मिलेंगे।

इस दौरान प्रशांत किशोर ने लालू यादव और नीतीश कुमार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार में लालू यादव ने 15 सालों तक और नीतीश कुमार ने 15 सालों तक शासन किया, लेकिन दोनों के तीन दशकों के शासन में किसी तरह का बदलाव नहीं आया और बिहार देश का सबसे गरीब और पिछड़ा राज्य बना रहा। उन्होंने कहा कि जिन रास्तों पर बिहार चल रहा है, उसे बदलाव आने की संभावना नहीं है। अगर बिहार को देश के अग्रणी राज्यों की सूची में लाना है तो इसके लिए नई सोच और नए प्रयास की जरूरत होगी।

बिहार की जातिवादी राजनीति को लेकर उन्होंने कहा कि कई लोगों का मानना है कि बिहार में केवल जाति के आधार पर ही वोट मिलता है। उन्होंने कहा, “मैं जाति नहीं, बल्कि समाज के सभी लोगों को जोड़ने का प्रयास कर रहा हूँ। मैं कोरोना के खत्म होने का इंतजार कर रहा था, ताकि किसी नई योजना पर काम कर सकूँ।”

राजनीतिक दल बनाने को लेकर उन्होंने कहा कि लोगों से संवाद के बाद अगर 4-5 हजार लोग कहते हैं कि किसी राजनीतिक पार्टी बनाने की जरूरत है, तब वे इसकी घोषणा करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर राजनीतिक पार्टी बनती है तो यह उन सभी लोगों की पार्टी होगी, जो इस परिकल्पना से जुड़कर इस राजनीतिक संगठन के निर्माण में अपनी भागीदारी देंगे। यह काम अगस्त या सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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