Homeदेश-समाजहनुमान भक्त शाहीन परवेज: घर में विराजे हैं बजरंग बली, रोज करती हैं पाठ...

हनुमान भक्त शाहीन परवेज: घर में विराजे हैं बजरंग बली, रोज करती हैं पाठ और आरती

इंसानियत को सबसे बड़ा धर्म मानने वाली शाहीन ने बताया, "मैं कॉलेज के दिनों से ही हनुमान चालीसा का पाठ करती हूॅं। मैं जिस स्कूल में पढ़ती थी, वहॉं सभी धर्मों की शिक्षा दी जाती थी।"

हनुमान चालीसा भले पश्चिम बंगाल की पुलिस को न सुहाता हो, भले इसके कारण बंगाल की भाजपा कार्यकर्ता इशरत जहॉं कट्टरपंथियों के निशाने पर हों, लेकिन मेरठ की 42 साल की शाहीन परवेज को इससे फर्क नहीं पड़ता। शाहीन के घर में तुलसी की माला पहने बजरंग बली विराजे हुए हैं और नियमित रूप से वह हनुमान चालीसा का पाठ तथा आरती करती हैं।

बकौल शाहीन, इससे वह अच्छा महसूस करती हैं। इंसानियत को सबसे बड़ा धर्म मानने वाली शाहीन ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया, “मैं कॉलेज के दिनों से ही हनुमान चालीसा का पाठ करती हूॅं। मैं जिस स्कूल में पढ़ती थी, वहॉं सभी धर्मों की शिक्षा दी जाती थी।”

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से जुड़ीं शाहीन को कट्टरपंथियों का डर नहीं। वे कहती हैं, “हम ऐसे देश में रहते हैं जहां सभी को एक-दूसरे के धर्म का सम्मान करना चाहिए। यदि मैं दूसरे धर्म के बारे में भी सीखती हूॅं तो इसमें क्या गलत है। हर धर्म प्यार करना सिखाता है।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

केरल में एलोहिम ग्लोबल वर्शिप सेंटर के पादरी बिनु वझामुट्टोम पर नाबालिगों से मारपीट, बंधक बनाकर जबरदस्ती काम कराने के आरोप: ईसाई नेता के...

केरल के पथानामथिट्टा में BJP कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए पादरी बिनू वझामुट्टोम के गिरफ्तारी की माँग की है।

महरंग बलोच पर मलाला का मौन… अफगान महिलाओं के लिए मंच-मंच भाषण, लेकिन पाकिस्तानी फौज के बलोचों के दमन पर नोबेल विजेता खामोश क्यों?

दुनिया के कोने-कोने से मानवाधिकार का झंडा उठाने वाली नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला पाकिस्तान में महरंग को उम्रकैद मिलने पर मौन बैठी है।
- विज्ञापन -