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‘जब हिजाब नहीं पहन सकते तो पूजा क्यों होगी’: कर्नाटक की यूनिवर्सिटी में ‘भारत माता पूजा’ रद्द, ‘हिंदू संस्कृति’ बता विरोध कर रहा था CFI

भारत माता पूजा का आयोजन मैंगलोर यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट यूनियन ने किया था। आयोजकों के मुताबिक 2014 से ही यह पूजा होती आ रही थी।

कर्नाटक की मंगलौर यूनिवर्सिटी में प्रस्तावित ‘भारत माता पूजा’ कार्यक्रम रद्द करनी पड़ी है। कट्टरपंथी इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) की छात्र शाखा कैम्पस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI) इसका विरोध कर रहा था। कार्यक्रम गुरुवार (11 अगस्त 2022) को होना था। इस कार्यक्रम के लिए मंगलौर यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट यूनियन ने जो पोस्टर जारी किया था उसको लेकर विवाद खड़ा करने की कोशिश की गई। पोस्टर में भारत माता को हाथ में भगवा ध्वज लिए दिखाया गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक CFI और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) से जुड़े छात्रों ने विश्वविद्यालय कुलपति को कार्यक्रम रद्द करने के लिए ज्ञापन दिया था। इसमें कहा गया था कि भारत माता के हाथों में मौजूद ध्वज तिरंगा होना चाहिए न कि भगवा। कार्यक्रम को धार्मिक बताते हुए माहौल खराब होने की बात कही गई थी। बताया जा रहा है कि शिकायत को जायज मानते हुए यूनिवर्सिटी ने कार्यक्रम रद्द कर दिया। साथ ही कहा कि कार्य्रकम के लिए बने पोस्टर में भारत का मानचित्र भी अपने वास्तविक रूप में नहीं है। यूनिवर्सिटी प्रशासन का ये भी कहना है कि इस कार्यक्रम से चल रही कक्षाएँ प्रभावित हो सकती थी।

SDPI कर्नाटक के मीडिया प्रभारी रियाज कदम्बू ने कहा है कि जब कॉलेज में हिजाब पहनने की अनुमति नहीं है तो इस पूजा की अनुमति कैसे दी जा सकती है। वहीं दक्षिण कन्नड़ CFI के अध्यक्ष ताजुद्दीन ने कहा, “मैंगलोर यूनिवर्सिटी हिंदू संस्कृति के अनुसार भारत माता के नाम पर पूजा का आयोजन कर रहा था। हमारी माँग है कि जो लोग सरकारी कॉलेज में भगवा ध्वज के साथ भारत माता का जश्न मनाने के लिए धार्मिक कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।”

ताजुद्दीन ने कहा है कि ‘हर घर तिरंगा’ के नाम पर भारत माता की महिमा का जश्न क्यों मनाया जाएगा? भारत माता के हाथ में तिरंगे की जगह भगवा ध्वज कैसे हो सकता है? उल्लेखनीय है कि इस साल स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। हालाँकि आयोजकों ने इस पूजा को यूनिवर्सिटी में पहले से चली आ रही परम्परा बताया है। यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष धीरज सपलिगा के मुताबिक यह कार्यक्रम साल 2014 से आयोजित हो रहा है। इस बार भी 11 अगस्त को दोपहर 1.30 बजे से 2.30 बजे के बीच पूजा की प्रदान की गई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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