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यौन उत्पीड़न मामले में तरुण तेजपाल को राहत देने से SC का इनकार, 6 महीने में पूरी होगी सुनवाई

तेजपाल पर आरोप है कि उन्होंने 2013 में गोवा के एक पाँच सितारा होटल के एलिवेटर के अंदर महिला सहकर्मी का यौन उत्पीड़न किया था। 30 नवंबर 2013 को वे गिरफ़्तार किए गए थे और फ़िलहाल जमानत पर बाहर हैं।

तहलका मैगज़ीन के पूर्व एडिटर तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने यौन उत्पीड़न के आरोप ख़ारिज करने संबंधी उनकी याचिका को ख़ारिज कर दिया है। साथ ही तेजपाल के ख़िलाफ़ ट्रायल जारी रखते हुए निचली अदालत को 6 महीने के भीतर सुनवाई पूरी करने का आदेश दिया है।

तेजपाल ने अपनी याचिका में ख़ुद के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न के मामले को रद्द करने की माँग की थी। तेजपाल पर आरोप है कि उन्होंने साल 2013 में गोवा के एक पाँच सितारा होटल के एलिवेटर के अंदर महिला सहकर्मी का यौन उत्पीड़न किया था। तेजपाल ने ख़ुद पर लगे आरोपों से इनकार किया है। ग़ौरतलब है कि तरुण तेजपाल को अपराध शाखा ने 30 नवंबर 2013 को गिरफ़्तार किया था। मई 2014 से वे ज़मानत पर बाहर हैं।

2017 में गोवा की अदालत से आरोप तय हो जाने के बाद तेजपाल ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख़ किया था। हाई कोर्ट ने भी आरोप खारिज करने की उनकी याचिका नामंजूर कर दी थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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