Homeविविध विषयअन्यएलन मस्क की राह पर चली फेसबुक की Meta कंपनी, हो सकते हैं हजारों...

एलन मस्क की राह पर चली फेसबुक की Meta कंपनी, हो सकते हैं हजारों कर्मचारी बर्खास्त: ट्विटर में कुछ स्टाफ की वापसी, कहा- गलती से निकाला था

फेसबुक कंपनी में 87000 से ज्यादा कर्मचारी काम कर रहे हैं। अनुमान है कि कम से कम 12000 को कंपनी निकालने वाली है। इससे पहले ट्विटर ने अपने 50 फीसद कर्मचारियों की छुट्टी की थी।

ट्विटर के बाद अब फेसबुक को लेकर खबर है कि यह कंपनी भी अपने कई कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर रही है। अभी इस कंपनी में 87000 से ज्यादा कर्मचारी काम कर रहे हैं। अनुमान है कि कम से कम 12000 को कंपनी निकालने वाली है। इससे पहले ट्विटर ने अपने 50 फीसद कर्मचारियों की छुट्टी की थी। हालाँकि अब खबर है कि इनमें से कुछ को वापस काम करने के लिए बुलाया जा रहा है।

फेसबुक ने शुरू की छंटनी

जानकारी के मुताबिक फेसबुक में बुधवार से छंटनी प्रक्रिया चालू हो रही है। दरअसल टिकटॉक और यूट्यूब से कंपनी को काफी टक्कर मिली, जिसकी वजह से कंपनी के शेयर में 73 फीसद गिरावट आई है और कंपनी के रेवेन्यू पर भारी असर पड़ा। यही वजह है कि कंपनी में छंटनी शुरू होने जा रही है।

कंपनी के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग भी कभी अमीर व्यक्तियों की लिस्ट में तीसरे स्थान पर थे, पर अब उनकी जगह 29वें स्थान पर है। उनकी आय में 90.3 अरब डॉलर की गिरावट आई है और यह 35.2 अरब डॉलर रह गई है। कंपनी ने इंजीनियरों और डेटा साइंटिस्टों की हायरिंग को बंद कर दिया है। कंपनी के हालात देखते हुए जुकरबर्ग वे कहा था कि उनके लिए 18 से 24 महीने चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। उन्होंने अपने मैनेजर्स से कम पर्फॉर्म करने वाले कर्मचारियों की पहचान करने को कहा था और अब खबर है कि वे उनकी छंटनी करेंगे।

ट्विटर वापस बुलाएगा कर्मचारी

एलन मस्क के नेतृत्व में पिछले दिनों ट्विटर ने 3500 के करीब कर्मचारियों के कंपनी से चलता किया था। हालाँकि अब खबरें आ रही हैं कि ट्विटर ने दर्जनों लोगों से वापस लौटने को कहा है। उन्हें कहा गया है कि उन्हें गलती से निकाल दिया गया था। वहीं कुछ की जरूरत मैनेजमेंट को महसूस हुई और उन्हें लगा कि कुछ सेवाओं के लिए पुराने कर्मचारियों की जरूरत है। ऐसे में उन्हें वापस आने को कहा गया। याद दिला दें कि कंपनी ने अपने 3700 कर्मचारियों को निकाला था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कॉकरोचों के प्रदर्शन में घुसी नेहा बोरा कौन है? जानिए AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष का चिट्ठा- उमर खालिद को बताती है बेचारा, ब्राह्मणों से...

आइए जानते हैं CJP के प्रदर्शन में घुसकर वामपंथी एजेंडे को हवा देने वाली नेहा बोरा कौन हैं और कैसे वो ब्राह्मणों के खिलाफ जहर उगलती आईं हैं।

गाजियाबाद के सीवर प्लांट में पोलियो वायरस मिलने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, किसी बच्चे में संक्रमण नहीं: जानिए पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने कैसे बढ़ाई...

गाजियाबाद के सीवर में पोलियो वायरस मिला। यह वायरस पोलियो वैक्सीन के कमजोर अंश से विकसित होता है जो कमजोर टीकाकरण वाले इलाकों में फैलता है।
- विज्ञापन -