Homeदेश-समाजकर्ज से बचने के लिए पूर्व फौजी ने छोड़ा था घर, राधा स्वामी का...

कर्ज से बचने के लिए पूर्व फौजी ने छोड़ा था घर, राधा स्वामी का सत्संग सुन मन बदला: वापस लौट पुलिस को सच्चाई बताई

राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि वह अपने परिवार और आर्थिक समस्याओं को लेकर तनाव में थे, इसलिए वह घर से दूर रहना चाहता थे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने खुद ही अपने फोन से अपने परिवार को धमकी भरे मैसेज भेजे थे।

राजधानी दिल्ली के प्रेम नगर इलाके से गायब हुए 60 वर्षीय रिटायर्ड फौजी राजेन्द्र प्रसाद को पुलिस ने ढूँढ न‍िकाला है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को वह सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन के पास मिले।

राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि उनका अपहरण नहीं हुआ था और वह स्वेच्छा से पंजाब चले गए थे। वहां ब्यास में राधा-स्वामी का सत्संग सुन उनका मन बदल गया और घर लौटने का विचार किया। उन्होंने कहा कि जब वह सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन पर लौटे तो पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।

पुलिस की जाँच में खुलासा हुआ है कि पूर्व फौजी राजेंद्र प्रसाद ने खुद पर कर्ज होने के कारण यह कहानी रची थी। उसने अपने फोन से ‘सर तन से जुदा, अजमेर वाया पाकिस्तान’ का वॉट्सऐप मैसेज और पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के झंडे व कुछ क्लिपिंग का फोटो लगा हुआ मैसेज घर पर भेजा था।

पूछताछ करने पर राजेंद्र ने बताया कि वह अपने परिवार और आर्थिक समस्याओं को लेकर तनाव में थे, इसलिए वह घर से दूर रहना चाहता थे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने खुद ही अपने फोन से अपने परिवार को धमकी भरे मैसेज भेजे थे।

दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध शाखा) रविंद्र यादव ने बताया, ”मूलरूप से हरियाणा में रोहतक के गाँव बोहर निवासी राजेंद्र प्रसाद प्रेम नगर सुल्तानपुरी में परिवार के साथ रहते हैं। उनके तीन बच्चे हैं। वह सात नवंबर को अचानक गायब हो गए। उन्होंने अपने मोबाइल से परिजनों को मैसेज भेजा कि सर तन से जुदा, अजमेर वाया पाकिस्तान भेजा। साथ में प्रतिबंधित संगठन पीएफआई का झंडा डाला था।”

उनके परिजनों ने 7 नवंबर 2022 को शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके ही नंबर से ‘सर तन से जुदा इन अजमेर वाया पाकिस्तान’ का मैसेज आया है। साथ ही प्रतिबंधित कट्टरपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के झंडे की फोटो भेजी गई है। परिजनों का यह भी दावा है कि कुछ मुस्लिम कई दिनों से उनका पीछा कर रहे थे।

वहीं, पूर्व सैनिक की बेटी किरन ने दावा किया था कि कुछ मुस्लिम कई दिनों से उनके पिता का पीछा कर रहे थे। यह बात उनके पिता ने खुद घर में बताई थी। उन्होंने बताया था कि पीछा करने वाले मुस्लिम उन पर अपने संगठन में शामिल होने और धर्मांतरण का दबाव बना रहे हैं। हालाँकि संगठन का नाम उन्होंने नहीं बताया था। राजेंद्र प्रसाद की छोटी बेटी गुलशन ने बताया कि उसके पिता संविदा पर प्रेम नगर स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय में सिक्योरिटी गार्ड के पद पर तैनात हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -