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‘अडानी ग्रुप’ को ₹8.87 लाख करोड़ का नुकसान, सबसे अमीर अरबपतियों की सूची में 2 से 22वें स्थान पर फिसले गौतम अडानी

यह गिरावट सिर्फ 'अडानी ग्रुप' की कंपनियों में ही नहीं हुई, बल्कि इसका असर उन बैंकों के शेयर पर भी हो रहा है जिन्होंने अडानी ग्रुप को कर्ज दिया था।

दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची में टॉप 2 में नाम बना चुके गौतम अडानी की कंपनियाँ बेहद बुरे दौर से गुजर रहीं हैं। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने से लेकर अब तक अडानी ग्रुप को करीब 108 अरब डॉलर का नुकसान हो चुका है। साथ ही, वह दुनिया के सबसे अमीरों की सूची में 22वें स्थान में पहुँच गए हैं।

दरअसल, गत 24 जनवरी को हिंडनबर्ग ने रिपोर्ट जारी कर अडानी ग्रुप पर कई तरह के आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों के बाद से अडानी ग्रुप के शेयरों में तेजी से गिरावट देखी गई। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयर में सामूहिक रूप से करीब 47 फीसदी की गिरावट देखी गई है। इससे अडानी ग्रुप को अब तक 108 बिलियन डॉलर (8.877 लाख करोड़ रुपए) का नुकसान हुआ है।

अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयर में इस कदर गिरावट देखी गई है कि लगातार शॉर्ट सर्किट झेलने के बाद शेयर साल के न्यूनतम स्तर पर पहुँच गए हैं। गुरुवार (2 फरवरी, 2023) को अडानी ग्रुप के शेयर में 27 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई।

अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी टोटल गैस के शेयर 24 जनवरी को 3891 रुपए पर बंद हुए थे। लेकिन गुरुवार (2 फरवरी, 2023) को इन शेयरों की कीमत 1707 रुपए रह गई। इसी तरह, अडानी पावर के शेयर 24 जनवरी को 274 रुपए पर ट्रेड हो रहे थे। लेकिन लगातार 6 शार्ट सर्किट के बाद शेयर की कीमत गुरुवार को घटकर 202 रुपए पहुँच गई। यही हाल अडानी ग्रुप की सभी कंपनियों का रहा है।

यह गिरावट सिर्फ ‘अडानी ग्रुप’ की कंपनियों में ही नहीं हुई, बल्कि इसका असर उन बैंकों के शेयर पर भी हो रहा है जिन्होंने अडानी ग्रुप को कर्ज दिया था। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद से अब तक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के शेयरों में 11 फीसदी की गिरावट देखी गई है।

बता दें कि हिंडेनबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में अडानी समूह पर कई आरोप लगाए थे। इनमें मनी लॉन्ड्रिंग, अनऑथोराइज्ड ट्रेडिंग, वित्तीय गड़बड़ी, भारी-भरकम लोन सहित कई गंभीर आरोप थे, जो किसी कंपनी के लिए घातक बताए गए थे। बाद में अडानी समूह ने अमेरिकी रिसर्च कंपनी हिंडनबर्ग द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब दिया था। कंपनी ने 413 पन्नों के जवाब में हिंडनबर्ग द्वारा लगाए गए आरोपों को झूठ करार दिया था। कंपनी ने कहा था कि ये आरोप भारत और यहाँ की कंपनियों तथा देश के विकास पर सुनियोजित हमला है।

‘हिंदुस्तान टाइम्स’ ने ‘ब्लूमबर्ग’ की रिपोर्ट के हवाले से बताया है कि 27 जनवरी से 31 जनवरी तक के बीच विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से 2 बिलियन डॉलर (16.47 हजार करोड़ रुपए) निकाल लिए हैं।

अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयर में भारी गिरावट को लेकर जीएएम इन्वेस्टमेंट्स के एक फंड मैनेजर जियान शी कोर्टेसी ने कहा है, “अडानी ग्रुप को लेकर आ रहीं खबरें बहुत अधिक नकारात्मकता उत्पन्न कर रहीं हैं। इससे भारतीय शेयरों के लिए निवेशकों की दिलचस्पी कम हो सकती है। हमें ऐसा नहीं कह रहे हैं कि अडानी ग्रुप के कारण पूरे भारतीय शेयर बाजार में गिरावट होगी। लेकिन हमें ऐसा लगता है कि मौजूदा हालात के कारण चीन समेत अन्य एशियाई बाजारों की तुलना में भारत के प्रदर्शन में गिरावट हो सकती है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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