Homeरिपोर्टमीडियामुस्लिम पत्रकार ने हिन्दू भजन को बताया मुजरा, महिलाओं का भी किया अपमान: अयोध्या...

मुस्लिम पत्रकार ने हिन्दू भजन को बताया मुजरा, महिलाओं का भी किया अपमान: अयोध्या से नफरत दिखाने वाले मोहम्मद तनवीर पर कार्रवाई की माँग

"'भजन कीर्तन' के लिए मुजरा जैसे अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल न केवल हिंदू समुदायों की धार्मिक भावनाओं को आहत करता है बल्कि महिलाओं की गरिमा को भी ठेस पहुँचाता है।"

मोहम्मद तनवीर नाम के एक तथाकथित पत्रकार ने ट्रेन में हिन्दुओं द्वारा भजन गाने की तुलना ‘मुजरा’ से कर दी। अन्य लोग भी सोशल मीडिया पर तनवीर का साथ देने लगे और ‘भजन’ व ‘सार्वजनिक स्थानों पर नमाज़’ की गलत तुलना करने लगे। तनवीर ने अपने ट्वीट में ट्रेन से अयोध्या की यात्रा कर रहे हिंदुओं का वीडियो शेयर किया और इसकी शिकायत करते हुए रेल मंत्रालय को टैग किया।

उन्होंने कहा, ‘नमस्ते रेल मंत्रालय, इंदौर से अयोध्या जाने वाली इस ट्रेन में भजन कीर्तन क्यों हो रहा है? अगर कोई मुस्लिम पाँच मिनट नमाज पढ़ता तो अब तक गिरफ्तार हो चुका होता। ट्रेन में नमाज पढ़ना गलत तो भजन कीर्तन कैसे जायज? हेलो आशिनी वैष्णव, क्या इसके खिलाफ कोई कार्रवाई होगी?”

मोहम्मद तनवीर के ट्वीट का स्क्रीनशॉट
मोहम्मद तनवीर के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

इसके बाद के एक ट्वीट में उन्होंने अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया और कहा, ”खादी वाला व्यक्ति जो भजन कीर्तन में भाग ले रहा है, वह इंदौर का एक प्रमुख कॉन्ग्रेस नेता है। वह लोगों को मुफ्त में अयोध्या ले जा रहे हैं और ट्रेन में मुजरा करवा रहे हैं।” मुजरा मुगल शासकों, नवाबों के लिए मुगल युग के दौरान तवायफों द्वारा किया जाने वाला नृत्य का एक रूप है।

तनवीर रिपोर्ट लुक (Report Look) के लिए लिखते हैं। उनके ट्वीट को पत्रकार रोहिणी सिंह ने रीट्वीट किया।

जामिया टाइम्स के एक अन्य पत्रकार अहमद ख़बीर ने कहा, “अगर ट्रेन में नमाज़ पढ़ना गुनाह है तो यह क्या है?”

अहमद खबीर का ट्वीट

तथाकथित सोशल मीडिया एक्टिविस्ट शाहनवाज अंसारी ने कहा, ”यह श्री राम भक्तों का इंदौर से अयोध्या की यात्रा का वीडियो है। ट्रेन में उनके लिए सब जायज है। अगर कोई मुसलमान ट्रेन में दस मिनट नमाज अदा करता है तो उसके वीडियो वायरल हो जाते हैं और उसके खिलाफ एफआईआर हो जाती है और वह गिरफ्तार हो जाता है। इस्लामोफोबिया कोढ़ का मरीज फिर उसपर डिबेट करता है।”

शहनवाज अंसारी का ट्वीट

कॉन्ग्रेस विधायक संजय शुक्ला ने तीर्थ यात्रा का आयोजन किया था

वीडियो को सबसे पहले कॉन्ग्रेेस विधायक संजय शुक्ला ने शेयर किया था। हर साल, वह भक्तों के लिए अयोध्या की धार्मिक यात्रा की व्यवस्था करते हैं। इस साल उनके साथ इंदौर से 600 श्रद्धालु आए थे। टिकट, रहने और यात्रा से लेकर अयोध्या में दर्शन तक, सबका इंतजाम शुक्ला द्वारा किया गया था।

ऑपइंडिया से बात करते हुए, शुक्ला ने कहा, ”यह उनकी मानसिकता है। मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। मैं अपने कर्तव्यों का पालन कर रहा हूँ। वे जो करना चाहें कर सकते हैं। मैं वही कर रहा हूँ जो मुझे सही लगता है। यह धर्म के लिए है। मैं इसे धर्म के लिए कर रहा हूँ और मैं इसे करता रहूँगा।”

मोहम्मद तनवीर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की माँग

वकील विकास पारीक ने तनवीर की पोस्ट पर टिप्पणी की और कहा कि वह अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने के लिए पत्रकार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएँगे। पारीक ने एक ट्वीट में यूपी साइबर क्राइम यूनिट को टैग करते हुए कहा, “‘भजन कीर्तन’ के लिए मुजरा जैसे अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल न केवल हिंदू समुदायों की धार्मिक भावनाओं को आहत करता है बल्कि महिलाओं की गरिमा को भी ठेस पहुँचाता है। कृपया अपराध का संज्ञान लें और अपराधी के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।”

एक अन्य ट्वीट में वह लिखते हैं, “जिन लोगों को लगता है कि ‘@TanveerPost’ के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, कृपया संबंधित पुलिस को टैग करते हुए एक शिकायत लिखें। आप अपने संबंधित पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी भी दर्ज करा सकते हैं। सुनिश्चित करें कि कोई अन्य अपराधी किसी अन्य धर्म को ठेस पहुँचाने की हिम्मत न करे। उसे करारा जवाब दें।”

ऑपइंडिया से बात करते हुए, पारीक ने कहा, “मैं उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराना चाहता हूँ। उसने जिस तरह की टिप्पणियों का इस्तेमाल किया, वे सम्मानजनक नहीं था।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -