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बृजभूषण सिंह का चैलेंज जंतर-मंतर वाले पहलवानों ने किया एक्सेप्ट, कहा- लाइव हो नॉर्को टेस्ट, सुप्रीम कोर्ट करे निगरानी

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि वह पूरे मामले में सच सामने लाने के लिए अपना ‘नार्को टेस्ट’ कराने के लिए तैयार हैं। हालाँकि उन्होंने शर्त ये रखी है कि पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया का भी नार्को टेस्ट कराना होगा। अगर वह लोग तैयार हैं तो मीडिया में ऐलान करें।

पहलवानों के यौन शोषण आरोप में घिरे भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा था कि वह पूरे मामले में सच सामने लाने के लिए अपना ‘नार्को टेस्ट’ कराने के लिए तैयार हैं। हालाँकि उन्होंने शर्त ये रखी थी कि पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया का भी नार्को टेस्ट कराना होगा। उनकी इस शर्त को जंतर-मंतर पर बैठे पहलवानों ने स्वीकार लिया है। उन्होंने माँग की है कि वो सब नार्को टेस्ट के लिए तैयार हैं। ये लाइव होना चाहिए और इसकी निगरानी सुप्रीम कोर्ट द्वारा की जानी चाहिए।

बृजभूषण सिंह ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा, “मैं अपना नार्को टेस्ट, पॉलिग्राफी टेस्ट या लाइ डिटेक्टर करवाने के लिए तैयार हूँ लेकिन मेरी शर्त है मेरे साथ विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया का भी ये टेस्ट होने चाहिए। अगर दोनों पहलवान अपना टेस्ट करवाने के लिए तैयार हैं तो प्रेस बुलाकर घोषणा करें और मै उनको वचन देता हूँ कि मै भी इसके लिए तैयार हूँ। मैं आज भी अपनी बात पर कायम हूँ और हमेशा कायम रहने का देशवासियों को वादा करता हूँ। रघुकुल रीती सदा चली आई। प्राण जाए पर वचन न जाई। जय श्रीराम।”

उनके इस बयान के बाद अब विनेश फोगाट ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि नार्को टेस्ट के लिए सिर्फ विनेश ही नहीं बल्कि वो सारी लड़कियाँ तैयार हैं जिन्होंने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ शिकायत दी है। उनका टेस्ट लाइव होना चाहिए। ताकि पता चले कि उन्होंने देश की बेटियों के साथ कितनी दरिंदगी और ज्यादती की।

वहीं पूनिया ने नार्को टेस्ट के लिए कहा है कि अगर फेडरेशन के घोटाले गिनने हैं तो वो ‘नार्को टेस्ट’ कराने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा जिन लड़कियों ने शिकायत की है, वह भी नार्को टेस्ट कराने के लिए तैयार हैं। उन्होंने माँग की है कि कोच विनोद तोमर, जितेंद्र और धीरेंद्र का भी नार्को टेस्ट होना चाहिए।

बता दें कि बृजभूषण सिंह के खिलाफ चल रहे पहलवानों के प्रदर्शन में बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट मुख्य चेहरे हैं। ये लोग 23 अप्रैल को दोबारा से जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे थे। इसके बाद इन्हें कई राजनैतिक दलों का समर्थन प्राप्त हुआ।

वहीं सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद दिल्ली पुलिस ने WFI के पूर्व चीफ के खिलाफ मुकदमे भी दर्ज किए। लेकिन पहलवान इससे संतुष्ट नहीं हुए। बाद में खबर आई कि कुश्ती महासंघ की सभी गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। अधिकारियों को काम करने से रोक दिया गया है।

कल इसी बाबत खाप पंचायत भी हुई। इसमें ऐलान किया गया कि 28 मई को महिलाओं की महापंचायत होगी और उसमें फैसला लेंगे कि आगे क्या करना है। जो भी फैसला होगा उसपर अमल करेंगे।

पॉलिसी बदलने पर बवाल?

उल्लेखनीय है कि इससे पहले बृजभूषण सिंह ने 2 मई को इस प्रदर्शन पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि ये सब नई पॉलिसी लाने के बाद हो रहा है। वरना इससे पहले ये पहलवान उनके घर आते थे, अपने घर के शादी फंक्शन में बुलाते थे, घुल-मिलकर रहते थे। तब किसी ने कोई शिकायत नहीं की थीं। पर जब से पॉलिसी आई उसके बाद से ये विरोध होने लगे।

उन्होंने पहलवानों के प्रदर्शन में मोदी तेजी कब्र खुदेगी जैसे नारों का भी जवाब दिया। वह बोले, “जिस मोदी जी की आज ये निंदा कर रहे हैं, जिस योगी जी की आज ये निंदा कर रहे हैं, दुनिया का कोई देश खिलाड़ियों को इतनी सहूलियत या पैसा नहीं देता, जितना हमारा देश देता है। कई देश तरसते हैं कि काश, हमें भारत से मौका मिलता।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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