नेहरू से लेकर सोनिया तक कॉन्ग्रेस हिंदू घृणा में सनी रही। फिर भी राम की मर्यादा का पालन कर उसके नेताओं को न्योता दिया गया। पर उसने वही चुना जो उसकी नियति है।
मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के नतीजे उम्मीदों का जनादेश हैं। ये बताते हैं कि 2024 के आम चुनावों से कुछ महीने पहले मतदाताओं पर PM मोदी का प्रभाव अब तक के सर्वोच्च स्तर पर है।