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अनुपम कुमार सिंह

भारत की सनातन परंपरा के पुनर्जागरण के अभियान में 'गिलहरी योगदान' दे रहा एक छोटा सा सिपाही, जिसे भारतीय इतिहास, संस्कृति, राजनीति और सिनेमा की समझ है। पढ़ाई कम्प्यूटर साइंस से हुई, लेकिन यात्रा मीडिया की चल रही है। अपने लेखों के जरिए समसामयिक विषयों के विश्लेषण के साथ-साथ वो चीजें आपके समक्ष लाने का प्रयास करता हूँ, जिन पर मुख्यधारा की मीडिया का एक बड़ा वर्ग पर्दा डालने की कोशिश में लगा रहता है।

प्रयागराज: BJP के मास्टरस्ट्रोक से कॉन्ग्रेस में ‘भगदड़’, रीता की एंट्री से बदला चुनावी गणित

रीता बहुगुणा जोशी संयुक्त राष्ट्र से पुरस्कृत मेयर रह चुकी हैं। उनकी उम्मीदवारी का ऐलान मात्र से प्रयागराज में कॉन्ग्रेस बिखर गई है। पार्टी में घबराहट का माहौल है और प्रियंका गाँधी को उनके ख़िलाफ़ उतरने को कहा जा रहा है। क्या अपने पिता की सीट पर जीतेंगी रीता?

कोलकाता की झुग्गियों से भोजपुरी के फलक तक, असाधारण है मृदुभाषी निरहुआ का सफर और व्यक्तित्व

कोलकाता की गलियों में बड़े हो रहे निरहुआ के पिता एक फैक्ट्री में काम करते थे। उनका बचपन कोलकाता की झुग्गियों में बीता लेकिन आज वो भोजपुरी सिनेमा के फलक का ध्रुवतारा हैं। अब निरहुआ ने भोजपुरी सिनेमा को अश्लीलता से मुक्त करने का संकल्प लिया है।

झूठ, प्रपंच और प्रलाप से भरा है कॉन्ग्रेस का नया घोषणापत्र, अपने निकम्मेपन को स्वीकारा पार्टी ने

सिर्फ़ '20 लाख जॉब्स दे देंगे' कहने या लिख देने से जॉब्स पैदा नहीं हो जाते, उसके लिए आपको कुछ रोडमैप देना पड़ता है। इस मामले में कॉन्ग्रेस का घोषणापत्र फिसड्डी है और एक-एक लाइन की हज़ारों दावों और वादों की झड़ी है, अजय देवगन के 'हिम्मतवाला' की वन-लाइनर्स की तरह।

दंगों के नाम पर डराने वाली कॉन्ग्रेस का इतिहास 16000+ हिंदू-मुस्लिम-सिख के खून से लथपथ है

कॉन्ग्रेस शासनकाल में कई भीषण दंगे हुए, जिनको लेकर उन पर सवाल नहीं दागे गए। भाजपा शासनकाल में देश अपेक्षाकृत शांत है और ऐसी घटनाओं में कमी आई है। अगर हम 2011-2013 की बात करें तो उस दौरान भी कॉन्ग्रेस शासित राज्य सांप्रदायिक हिंसा की चपेट में सबसे ज्यादा थे।

बेगूसराय: गिरिराज के पहुँचते ही कन्हैया गैंग के छूटे पसीने, चोखा-भुजिया के बीच का अंतर भूले जिग्नेश

दिवंगत सांसद भोला सिंह की पत्नी, सिमरिया काली मंदिर और दिनकर की प्रतिमा से आशीर्वाद ले चुनाव प्रचार शुरू करने वाले गिरिराज ने स्वरा-शबाना जैसे मुम्बइया सेलिब्रिटीज के दम पर कूद रहे कन्हैया को उनके अपने गाँव में ही अपनी ताक़त दिखा दी।

मुश्किल चुनावों के दौरान सोनिया और इंदिरा भी भागी थीं दक्षिण भारत, जीत कर छोड़ दी थीं सीटें

हार के बाद इंदिरा गाँधी ने दक्षिण भारत का रुख किया। अपना पहला चुनाव लड़ रही सोनिया के लिए दक्षिण में 'सेफ सीट' खोजी गई। अब हार से डरे राहुल भी दक्षिण भारत भाग खड़े हुए हैं। चिकमंगलूर, बेल्लारी और अब वायनाड- क्या है इनमें समान?

जगन्नाथपुरी: BJD के गढ़ में हिंदुत्व और गरीबों की आवाज़ बन कर गरज रहे संबित पात्रा

अपने हाथों से बूढ़ी महिला को खिलाना, साधु-संतों को दण्डवत प्रणाम, मंदिरों में दर्शन, ग़रीबों संग भोजन, बीजद-कॉन्ग्रेस के दिवंगत नेताओं का सम्मान- संबित पात्रा ने पुरी में भाजपा के लिए बिगुल बजा दिया है। उनके अभी तक के पूरे चुनावी अभियान का विश्लेषण।

आडवाणी के कारण बचे रहे शत्रुघ्न सिन्हा, BJP ने निलंबित न कर के उन्हें बनाया अप्रासंगिक

कहानी 1992 नई दिल्ली उपचुनाव की, जिसके बाद 'हारे' हुए शत्रुघ्न सिन्हा को भाजपा ने वो सब कुछ दिया, जो उन्हें किसी और पार्टी में जीतने के बाद भी नहीं नसीब होता। और कहानी अब की, जब वो भीड़ भी नहीं जुटा पाते। भाजपा ने उन्हें सही तरीके से हैंडल किया।