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अनुपम कुमार सिंह

भारत की सनातन परंपरा के पुनर्जागरण के अभियान में 'गिलहरी योगदान' दे रहा एक छोटा सा सिपाही, जिसे भारतीय इतिहास, संस्कृति, राजनीति और सिनेमा की समझ है। पढ़ाई कम्प्यूटर साइंस से हुई, लेकिन यात्रा मीडिया की चल रही है। अपने लेखों के जरिए समसामयिक विषयों के विश्लेषण के साथ-साथ वो चीजें आपके समक्ष लाने का प्रयास करता हूँ, जिन पर मुख्यधारा की मीडिया का एक बड़ा वर्ग पर्दा डालने की कोशिश में लगा रहता है।

DM से मायावती के जूते साफ़ करवाने वाले आज़म ख़ान, आपकी तो पूरी पार्टी ही जूते चाट रही है

डीएम से जूता साफ़ करवाने वाले 'बेशरम' आज़म ख़ान को अपना तब का बयान याद करना चाहिए जब एक डीएसपी ने मायावती की जूती साफ़ की थी। वैसे, शून्य लोकसभा सीटों वाली माया की जूती साफ़ करने में तो आजकल पूरी समाजवादी पार्टी ही लगी हुई है। शायद अल्लाह की अब यही मर्जी है।

अल्पसंख्यक ही नहीं बहुसंख्यक भी होते हैं सांप्रदायिक वारदातों के शिकार, छिपाता है मीडिया

हिन्दू आज़ादी से अपने त्यौहार मनाएँ, मुस्लिम बिना व्यवधान से नमाज़ पढ़ें, लेकिन दोनों ही मामलों में अगर कोई बाधा डालने वाला कार्य करता है तो दोनों ही ख़बरों को समान प्राथमिकता दी जाए। एक को छिपाना और एक को विश्व स्तर पर ले जाकर भारत को भीड़तंत्र वाला देश साबित करने का प्रोपेगंडा अब नहीं चलेगा।

सांसद राहुल को बनाया लेकिन अमेठी को स्मृति ने अपनाया: वो 12 काम जिससे गरीब नहीं, गरीबी हटी

अमेठी को डिजिटल बनाने और 'मेड इन अमेठी' का सपना साकार करने से लेकर यहाँ के लोगों को सुगम स्वास्थ्य सुविधाएँ मुहैया कराने तक, स्मृति ईरानी ने हार कर भी अमेठी के लिए वो किया, जो पिछले 70 वर्षों में जीते हुए जनप्रतिनिधि भी न कर सके।

₹767 करोड़ की हेराफेरी पर मीडिया की चुप्पी घातक, चुनावी मौसम में लोकतंत्र का चौथा खंभा धराशाई

इनकम टैक्स के छापे में अब तक कहाँ से क्या मिला, देखिए पूरी सूची क्योंकि आपको ये कहीं और नहीं मिलेगा। इस पर कोई चर्चा नहीं कर रहा, कोई सवाल नहीं पूछ रहा, कोई प्राइम टाइम नहीं कर रहा। ये नेताओं, व्यापारियों, अधिकारियों, पत्रकारों का एक बहुत बड़ा नेक्सस है।

‘जीजाजी’ बने प्रचार समिति के अध्यक्ष: कई बड़े कॉन्ग्रेसी नेता इनके नीचे, जानें उनके Qualifications

रॉबर्ट वाड्रा ने अपनी चुनाव प्रचार समिति तैयार कर ली है। इसके लिए कई कॉन्ग्रेस नेताओं ने आवेदन दिया था लेकिन उनमें से कुछ को ही चुना जा सका। वाड्रा अब अपनी इस चुनाव प्रचार समिति के साथ भारत भ्रमण पर निकलेंगे। जानिए कौन-कौन हैं उनकी टीम में?

REVIEW: शास्त्रीजी की गुत्थी सुलझाते Terrorism और Secularism पर हमारे मन की बात है ‘द ताशकंद फाइल्स’

वैसे तो फ़िल्म 12 अप्रैल को रिलीज होने वाली है लेकिन ऑपइंडिया आपके लिए लेकर आया है 'द ताशकंद फाइल्स' का रिव्यु। एक्टिंग, निर्देशन और स्क्रिप्ट से लेकर फिल्म के थीम की गहन एवं विस्तृत समीक्षा। और हाँ, मिथुन चक्रवर्ती का वो डायलॉग...

गडकरी का गणित: विकास पुरुष ‘रोडकरी’ के आगे चित कॉन्ग्रेस ने नागपुर में पहले ही मानी हार

कुल मिलाकर देखें तो आंतरिक कलह, समाज के सभी वर्गों के बीच गडकरी की स्वीकार्यता और सबसे अव्वल उनके विकास कार्यों की आड़ में दबी कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं की नाराज़गी के कारण पार्टी शायद पहले से ही इस सीट को हारी हुई मान कर चल रही है।

GDP और Budget का फर्क न समझने वाले राहुल गाँधी जी, गणित ख़राब हो तो प्रतिशत नहीं बाँचते

शिक्षा और स्वास्थ्य पर बजट का 70% हिस्सा ख़र्च करने की बात कहने वाली कॉन्ग्रेस बाकियों को बचे-खुचे 30% में निबटा देगी। किसान, महिलाएँ व ग़रीब किसी भी योजना का लाभ नहीं उठा पाएँगे। सब्सिडी ख़त्म कर दी जाएगी, पेंशन रोक दी जाएगी।