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अनुपम कुमार सिंह

भारत की सनातन परंपरा के पुनर्जागरण के अभियान में 'गिलहरी योगदान' दे रहा एक छोटा सा सिपाही, जिसे भारतीय इतिहास, संस्कृति, राजनीति और सिनेमा की समझ है। पढ़ाई कम्प्यूटर साइंस से हुई, लेकिन यात्रा मीडिया की चल रही है। अपने लेखों के जरिए समसामयिक विषयों के विश्लेषण के साथ-साथ वो चीजें आपके समक्ष लाने का प्रयास करता हूँ, जिन पर मुख्यधारा की मीडिया का एक बड़ा वर्ग पर्दा डालने की कोशिश में लगा रहता है।

यह ‘डर’ अच्छा है आमिर खान, बॉलीवुड की हिंदू घृणा-राष्ट्र विरोधी एजेंडे की कमाई है ‘लाल सिंह चड्ढा’ की दुर्गति: खुद की लगाई आग...

'लाल सिंह चड्ढा' की रिलीज से पहले भले ही आमिर खान के सुर बदले-बदले लग रहे हों, लेकिन याद कीजिए बरखा दत्त से बात करते हुए करीना कपूर ने क्या कहा था।

‘हम काहे मानें मुग़ल आक्रांता थे?’: श्रीकृष्ण पर टिप्पणी वाले वीडियो के बाद ओझा सर की सफाई – बस उदाहरण दिया था, कोई भी...

ओझा सर ने यादव को अपना गुरु बताते हुए कहा कि वो गीता के ऊपर वीडियो बनाने जा रहे हैं। कहा - कोई भी धर्म बुरा नहीं, मानने वाले बुरे हो सकते हैं।

‘राष्ट्र धर्म के लिए किसी भी हद तक जाऊँगा’: ऑपइंडिया से बोले कश्मीर फाइल्स के प्रोड्यूसर, आमिर खान के ‘लाल सिंह चड्ढा’ से टकराएगी...

"बॉलीवुड ने ऐसी कहानियों को दिखाने से परहेज किया और अब जब परिदृश्य धीरे-धीरे बदल रहा है, हमारी संस्कृति और विरासतों पर आधारित अन्य कहानियाँ भी देखने को मिल सकती हैं।"

न जाति का भेद, न धन का मोल… सारे शिव भक्तों की ‘बम’ ही पहचान: समानता का स्तंभ है काँवड़ यात्रा, बताता है...

काँवड़ यात्रा में सारे काँवड़िए 'बम' होते हैं, उनकी जाति और हैसियत का यहाँ कोई मोल नहीं। सबका वस्त्र समान, सबके लिए बाबा के दरबार तक दूरी भी वही।

द्वारका और श्रीकृष्ण पर फिल्म लेकर आ रहा साउथ का धाकड़ हीरो: कहा- बॉलीवुड ने हमारी संस्कृति को नीचा दिखाया, PM मोदी सबके लिए...

"नरेंद्र मोदी हर किसी के लिए प्रेरणा हैं। चाय बेचने वाला एक सीधा-सादा व्यक्ति भी विश्व के सबसे मजबूत शख्शियतों में से एक बन सकता है। रामसेतु और द्वारका को संरक्षित करे सरकार।"

पुलिस को ‘सांप्रदायिक एंगल’ नकारने की इतनी जल्दी क्यों? पुराना पड़ा ये फॉर्मूला, ‘आपसी विवाद’ की आड़ में नहीं हो सकती जिहादी सोच वाली...

मुस्लिमों के अपराध वाली हर एक घटना में कम्युनल एंगल को नकार देने से क्या एक स्थायी शांति आ जाती है या फिर जिहादी फिर से सक्रिय नहीं होते?

यमुना के द्वीप पर जन्मा साँवला लड़का, निषाद कन्या के बेटे की जयंती यूँ बन गई ‘गुरु पूर्णिमा’: कहानी भीष्म पितामह के उन्हीं भाई...

चूँकि वह साँवले थे, इसीलिए कृष्ण। और उनका जन्म यमुना के एक द्वीप पर हुआ, इसीलिए द्वैपायन। उन्होंने ही 'वेद व्यास' बन वेदों का विभाजन किया था।

कश्मीर में हुआ हिन्दुओं का नरसंहार, श्रद्धांजलि दंगाइयों को: इतिहासकारों ने ऐसे बदल दी 13 जुलाई, 1931 की सच्चाई, ‘काफिर राजा’ के खिलाफ उतरी...

अंग्रेजों ने बनाए कुछ मुस्लिम नेता, जिन्होंने 'काफिर राजा' के विरुद्ध कुरान का हवाला देकर मुस्लिमों को भड़काया। फिर संगठित ढंग से हिन्दुओं का नरसंहार हुआ और उनकी दुकानें-घर लूट लिए गए। अंततः 'बुद्धिजीवियों' ने इस इस्लामी दंगे को 'सामंती राजा के खिलाफ जनता का विद्रोह' बता कर दंगाइयों को श्रद्धांजलि देनी शुरू कर दी।