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अनुपम कुमार सिंह

भारत की सनातन परंपरा के पुनर्जागरण के अभियान में 'गिलहरी योगदान' दे रहा एक छोटा सा सिपाही, जिसे भारतीय इतिहास, संस्कृति, राजनीति और सिनेमा की समझ है। पढ़ाई कम्प्यूटर साइंस से हुई, लेकिन यात्रा मीडिया की चल रही है। अपने लेखों के जरिए समसामयिक विषयों के विश्लेषण के साथ-साथ वो चीजें आपके समक्ष लाने का प्रयास करता हूँ, जिन पर मुख्यधारा की मीडिया का एक बड़ा वर्ग पर्दा डालने की कोशिश में लगा रहता है।

‘लिबरल गिरोह’ का शेर, हाथ जोड़ कहता है – लोल सलाम: अहिंसा का प्रतीक, महात्मा गाँधी की सवारी… शांत और सेक्युलर भी!

शेर एकदम बिल्ली की तरह होता है। ये कुत्ते की तरह 'भौं-भौं' करता है और बिल्लियों की तरह ही लोगों के घरों से रोटी-दूध चुरा कर खाता है। इसके मुँह हमेशा बंद रहते हैं।

अशोक के ‘धर्म स्तंभ’ से ‘धर्म’ को क्यों अलग करना चाह रहे लिबरल: पूजा से दिक्कत, लेकिन सड़क पर नमाज और लाउडस्पीकर पर चूँ...

सड़क पर नमाज जायज, 5 बार माइक से अजान सुकून देता है, लेकिन वेदों की धरती पर वैदिक रीति-रिवाज से लिबरल गिरोह को दिक्क्त। खुद सम्राट अशोक ने इसे 'धर्म स्तंभ' कहा था, ऐसे में धर्म के अनुसार कार्य न हों तो क्या अरब के हिसाब से हों?

नंबी नारायणन.. रॉ नेटवर्क को उजागर करना.. तिरंगे को सलामी नहीं.. योग दिवस से नदारद.. ISI कनेक्शन: हामिद अंसारी की राष्ट्रवाद से क्या दुश्मनी?

कभी तिरंगे को सलामी नहीं दी तो कभी पहले 'योग दिवस' कार्यक्रम से नदारद रहे। आतंकियों से जुड़ी संस्था के मंच पर हामिद अंसारी ने भारत विरोधी ज़हर उगला था। अब ISI का 'जासूस' बता रहा कि उनके बुलाने पर वो भारत आया था। नंबी नारायणन के खिलाफ साजिश के तार उनसे जुड़े थे। रॉ नेटवर्क को उजागर करने के आरोप लगे।

साल में 133 छुट्टियाँ, 38% जजों के ‘कनेक्शन’… लेकिन संपत्ति का ब्यौरा दिए सिर्फ 4 जज: जो ज्ञान दूसरों को, उस पर खुद अमल...

प्रतिभा की जाँच के बाद जजों की नियुक्ति होनी चाहिए, 'Contempt Of Court' हटना चाहिए और लंबित मामलों के निपटारे के लिए समयसीमा तय होनी चाहिए।

हिन्दुओं पर ‘जूते चलाने’ की बातें, मीम का फैक्ट चेक, 4 जिलों में दंगे लेकिन पीछा अमन चोपड़ा का: चिश्ती को बचाने वाली राजस्थान...

मीम का फैक्ट चेक करने वाली और एक महिला की गर्दन उड़ाने की धमकी देने वाले को बचाने वाली राजस्थान पुलिस ने कन्हैया लाल को नहीं दी थी सुरक्षा।

इस्लाम की भेंट चढ़ गया 33% भारत, 75% वाले गाँव में चाहिए शरिया: डेमोग्राफी चेंज से ‘मुस्लिम पट्टी’ बनाने की भी तैयारी

हमने डेमोग्राफी चेन्ज को नहीं समझा। तभी पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान हाथ से चले गए। जहाँ 'अल्पसंख्यक मुस्लिम' 75% हैं, वहाँ वो कह रहे हैं कि शरिया चलाओ।

इस्लाम के नाम पर हिंदुओं का सिर कलम और ‘प्लान जुबैर’: आतंकवाद का मजहब नहीं होता तो जमीयत की कानूनी मदद किसे?

पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से हिन्दुओं को लगभग ख़त्म कर दिया गया, अब भारत में उन्हें डरा कर रखने के लिए सिर कलम किए जा रहे हैं।

वाह रे एडिटर्स गिल्ड! जो पत्रकार नहीं उसकी चाहिए रिहाई, जो एडिटर इन चीफ उस पर खानापूर्ति: जुबैर और अर्नब में ऐसे फर्क करता...

हिन्दू देवी-देवताओं का खुलेआम अपमान करने वाले मोहम्मद जुबैर की दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ़्तारी की 'एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (EGI)' ने निंदा की।