316 कुल लेख

आशीष नौटियाल

पहाड़ी By Birth, PUN-डित By choice

‘उसने कहा- आपकी मंजिल आ गई, मैं सोच रहा था कि नहीं, अभी नहीं’ – इरफान का पत्र

इरफान खान ने ये पत्र अपने इलाज के दौरान लिखा था। 2018 में बीमारी का पता चलते ही वो फिल्मी दुनिया का काम छोड़ विदेश में इलाज करा रहे थे।

कोरोना: प्लाज्मा थेरेपी को ICMR ने बताया खतरनाक, लिबरल गिरोह साबित कर रहा था तबलीगी जमात का मानवता पर उपकार

प्लाज्मा थेरेपी से कोरोना वायरस के उपचार की बात पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि यह थेरेपी अभी तक साबित नहीं हुई है। अभी सिर्फ.....

इमरजेंसी में स्नेहलता, आज अर्नब: विरोधियों के दमन का कॉन्ग्रेसी तरीका

वो कॉन्ग्रेस के इमरजेंसी का समय था। विरोध के कारण अभिनेत्री स्नेहलता को जेल में ऐसी यातनाएँ दी गईं कि उनकी मौत हो गई। अब अर्नब को...

एंटोनिया माइनो की राष्ट्रीयता नहीं बल्कि मंशा पर प्रश्न रहा है, ‘The Print’ अक्षय कुमार की नागरिकता से करना चाहता है मूल्यांकन

प्रश्न हमेशा एंटोनिया माइनो की मंशा पर ही हुए हैं ना कि राष्ट्रीयता पर, अर्नब गोस्वामी ने भी सोनिया गाँधी की मंशा पर ही सवाल उठाए हैं......

‘हिटलर दीदी’ के वो सब कारनामे जो बताते हैं कि लोकतंत्र की हत्या बंगाल में कब और कहाँ-कहाँ हुई

ममता बनर्जी ने बंगाल में 'जय श्री राम' का नारा लगाने वालों को अपना सबसे बड़ा दुश्मन देखा है। उनकी यह बौखलाहट......

लेनिन: लाखों किसानों-निर्दोषों की लाश के ढेर पर कम्युनिस्ट सत्ता स्थापित करने वाला

रूस में गृहयुद्ध के दौरान लेनिन के सामने शासन और सर्वहारा में से किसी एक को चुनने का समय आया, तब उसने सर्वहारा में ही जार को देखा।

अरुंधति रॉय जैसे ‘विचारकों’ का इतिहास Google सर्च में कैद है, आपने सर्च किया ये की-वर्ड?

गूगल में अरुंधति रॉय सर्च करते ही एक 'अर्बन नक्सल विचारक' के गैरकानूनी कामों की टाइमलाइन तैयार हो जाती है।

TheTelegraph का झूठ: दलित का खाना सिराज अहमद ने नहीं खाया था लेकिन खबर RSS को बदनाम करने के लिए लिखी

TheTelegraph का झूठ या प्रोपेगेंडा ऐसे समझिए। दलित से खाना ना लेने वाले का नाम सिराज अहमद है, लेकिन इस खबर में फोटो RSS कार्यकर्ताओं की लगाई गई है।