Thursday, April 15, 2021
Home विचार राजनैतिक मुद्दे सनकी शासकों से अभिशप्त रही ढिल्लिका: 'तुगलक' केजरीवाल के कारण लंदन की जगह वुहान...

सनकी शासकों से अभिशप्त रही ढिल्लिका: ‘तुगलक’ केजरीवाल के कारण लंदन की जगह वुहान बनने के कगार पर

केजरीवाल की खास बात क्या है? पहले वो अपनी नाकामयाबी के लिए केंद्र सरकार को दोषी ठहराया करते थे, इस बार उन्होंने कोरोना वायरस में दिल्ली सरकार के इंतजाम के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को दोषी ठहराने का फैसला कर लिया है।

दिल्ली की हवाओं और पानी की तासीर में ऐसी जरूर कोई बेग़ैरती है कि उसके हिस्से अक्सर धूर्त, बर्बर और विखंडनकारी शासक आए। एक बड़े समय तक यह ढिल्लिका इस्लामिक आक्रांताओं और औपनिवेशिक राज का गवाह बनी, लेकिन इसके बाद भी इसके भाग्य में सुकून नहीं था। जब तक इतिहासकार अपनी राय बदलते, 2013 में एक ऐसा समय आया जब दोबारा दिल्ली में धूर्त और कपट से लोगों की भावनाओं से छल कर के एक इंसान ने सत्ता को हथिया लिया और यह क्रम जारी रखा।

दिल्ली इस बार इस अति महत्वाकांक्षी शासक के हाथों बर्बाद होने के कगार पर खड़ी है। कल शाम दिल्ली के आनंद विहार की जो तस्वीरें सामने आई हैं, कम से कम उन्हें देखने के बाद तो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तुलना मध्यकालीन भारत के इतिहास के बर्बर मुस्लिम आक्रांताओं से करने में कोई झिझक नहीं हो सकती है। लेकिन केजरीवाल ने गरीब लोगों को बिना व्यवस्था के बॉर्डर पर छोड़ आने का जो ऐतिहासिक कांड इस बार किया है, उससे उनकी तुलनाओं का दायरा और बड़ हो जाता है।

कारण यह है कि पूरे विश्व के मानचित्र पर अपने पैर पसार चुके जिस चाइनीज कोरोना वायरस की महामारी के लिए चीन के शी जिनपिंग को कई लोग अपराधी मान रहे हैं तो वहीं दिल्ली में रोजगार के लिए गए हुए UP-बिहार के कामगारों के साथ धोखा कर उनकी जिंदगी को खतरे में डालने के लिए अरविंद केरजीवाल और उनकी ही सरकार के विधायक राघव चड्ढा जैसे लोग अपराधी हैं।

मुफ्त बिजली और पानी का सपना दिखाकर दिल्ली विधानसभा चुनाव जीतने वाली अरविंद केजरीवाल सरकार की संवेदनहीनता और उनकी जनता के प्रति जवाबदेही की हकीकत कोरोना की महामारी के दौरान सामने आ गई है।

चुनाव जीतने के समय अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली को लंदन बनाने की बात कही थी लेकिन प्रतीत होता है कि लंदन से पहले केजरीवाल पूरे भारत को ही चीन के वुहान प्रान्त में तब्दील करने की योजना बना चुके हैं। खास बात यह है कि पहले जहाँ वो अपनी नाकामयाबी के लिए केंद्र सरकार को दोषी ठहराया करते थे, इस बार उन्होंने कोरोना वायरस में दिल्ली सरकार के इंतजाम के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को दोषी ठहराने का फैसला कर लिया है।

आनंद विहार में अपने घर जाने के लिए उमड़ी इस भीड़ से किस स्तर की त्रासदी जन्म ले सकती है, इसका हम अंदाजा भी नहीं लगा सकते हैं, और उससे भी बड़ी बात यह है कि घर जाने की उम्मीद लगाए बैठे ये लोग किस मानसिक तनाव से गुजर रहे होंगे।

केजरीवाल की इस योजना में उनका साथ देने के लिए देश की मीडिया का वह ‘आदर्श लिबरल’ गिरोह तो हमेशा से ही उनके साथ खड़ा रहा है। दी क्विंट जैसे प्रपंचकारियों ने कल रात केजरीवाल सरकार के MLA राघव चड्ढा का धूर्त चेहरा सामने आते ही यह कोशिशें शुरू भी कर दी और निरंतर यह साबित करने का प्रयास कर रहा है कि दिल्ली के आनंद विहार में जमा UP-बिहार के कामगारों की यह भीड़, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कहने पर वहाँ जमा हुई थी।

वास्तव में हक़ीक़त यह है कि लॉकडाउन के दौरान जिस विराट स्वरूप का प्रदर्शन योगी आदित्यनाथ ने किया है, वह पूरे देश के नेताओं और नीति निर्माताओं के लिए आदर्श है। 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा के बाद सबसे पहले योगी आदित्यनाथ ने ही गरीबों के लिए सरकारी खजाने खोले। यहाँ तक कि कल रात ही दिल्ली से UP की ओर पलायन कर रहे लोगों को कोई समस्या न हो, इसके लिए 1 लाख लोगों के आइसोलेशन का बॉर्डर पर ही इंतजाम की घोषणा कर दी है। योगी आदित्यनाथ की तत्परता और सेवाभाव के सामने अरविंद केजरीवाल कितने बौने साबित हो चुके हैं!

21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा के बाद दिल्ली और नजदीकी इलाकों से लोग उत्तर प्रदेश और अपने गृह राज्य की तरफ पैदल निकलने लगे हैं। दिल्ली से उत्तर प्रदेश पहुँचे इन लोगों ने बताया कि दिल्ली सरकार ने बिजली-पानी के कनेक्शन काट दिए, और लॉकडाउन के दौरान उन्हें भोजन, दूध नहीं मिला। भूखे लोग सड़कों पर उतरे। यहाँ तक कि दिल्ली सरकार के अधिकारी बक़ायदा एनाउंसमेंट कर अफ़वाह फैलाते रहे कि यूपी बार्डर पर बसें खड़ी हैं, जो उन्हें यूपी और बिहार ले जाएँगी।

यह अरविंद केजरीवाल बाबा भारती और खड़ग सिंह की कहानी वाला खड़ग सिंह ही है, यह बात देर से ही सही लेकिन खुद केजरीवाल साबित करते जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी देखा जा रहा है कि जब सभी बड़े और छोटे समूह गरीब लोगों को होने वाली अव्यवस्थाओं में उनकी मदद करने का प्रयास कर रहे हैं, उस समय केजरीवाल सरकार के मंत्री और वो मीडिया, जिसने केजरीवाल को गोद में बिठाकर पाला है, सिर्फ और सिर्फ दिल्ली में केजरीवाल सरकार को सुरक्षित रखने का प्रयास कर रहे हैं।

ध्यान देने की बात यह है कि जिन लोगों को मुफ्त बिजली-पानी का सपना दिखाकर अरविंद केजरीवाल तीसरी बार सत्ता में लौटे हैं, कोरोना की आपदा में सबसे पहले उन्हीं को बिजली-पानी से वंचित कर उन्हें यह सोचने पर विवश किया गया कि ऐसे में उनके पास अब सिर्फ दिल्ली छोड़कर अपने मूल को लौटना ही एकमात्र विकल्प शेष रह गया है।

उम्मीद है कि कोरोना के कहर पर समस्त देशवासी मिल जुलकर लगाम लगा देंगे, लेकिन कम से कम यह तय है कि अभिशप्त दिल्ली अभी और कई वर्षों तक केजरीवाल जैसे निरंकुश विखंडनकारियों के कपट का शिकार बनती रहेगी।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

आशीष नौटियाल
पहाड़ी By Birth, PUN-डित By choice

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘अब या तो गुस्ताख रहेंगे या हम, क्योंकि ये गर्दन नबी की अजमत के लिए है’: तहरीक फरोग-ए-इस्लाम की लिस्ट, नरसिंहानंद को बताया ‘वहशी’

मौलवियों ने कहा कि 'जेल भरो आंदोलन' के दौरान लाठी-गोलियाँ चलेंगी, लेकिन हिंदुस्तान की जेलें भर जाएंगी, क्योंकि सवाल नबी की अजमत का है।

चीन के लिए बैटिंग या 4200 करोड़ रुपए पर ध्यान: CM ठाकरे क्यों चाहते हैं कोरोना घोषित हो प्राकृतिक आपदा?

COVID19 यदि प्राकृतिक आपदा घोषित हो जाए तो स्टेट डिज़ैस्टर रिलीफ़ फंड में इकट्ठा हुए क़रीब 4200 करोड़ रुपए को खर्च करने का रास्ता खुल जाएगा।

कोरोना पर कुंभ और दूसरे राज्यों को कोसा, खुद रोड शो कर जुटाई भीड़: संजय राउत भी निकले ‘नॉटी’

संजय राउत ने महाराष्ट्र में कोरोना के भयावह हालात के लिए दूसरे राज्यों को कोसा था। कुंभ पर निशाना साधा था। अब वे खुद रोड शो कर भीड़ जुटाते पकड़े गए हैं।

‘वीडियो और तस्वीरों ने कोर्ट की अंतरात्मा को हिला दिया है…’: दिल्ली दंगों में पिस्टल लहराने वाले शाहरुख को जमानत नहीं

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली दंगों के आरोपित शाहरुख पठान को जमानत देने से इनकार कर दिया है।

ESPN की क्रांति, धार्मिक-जातिगत पहचान खत्म: दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स के मैच की कॉमेंट्री में रिकॉर्ड

ESPN के द्वारा ‘बैट्समैन’ के स्थान पर ‘बैटर’ और ‘मैन ऑफ द मैच’ के स्थान पर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ जैसे शब्दों का उपयोग होगा।

‘बेड दीजिए, नहीं तो इंजेक्शन देकर उन्हें मार डालिए’: महाराष्ट्र में कोरोना+ पिता को लेकर 3 दिन से भटक रहा बेटा

किशोर 13 अप्रैल की दोपहर से ही अपने कोरोना पॉजिटिव पिता का इलाज कराने के लिए भटक रहे हैं।

प्रचलित ख़बरें

छबड़ा में मुस्लिम भीड़ के सामने पुलिस भी थी बेबस: अब चारों ओर तबाही का मंजर, बिजली-पानी भी ठप

हिन्दुओं की दुकानों को निशाना बनाया गया। आँसू गैस के गोले दागे जाने पर हिंसक भीड़ ने पुलिस को ही दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

‘कल के कायर आज के मुस्लिम’: यति नरसिंहानंद को गाली देती भीड़ को हिन्दुओं ने ऐसे दिया जवाब

यमुनानगर में माइक लेकर भड़काऊ बयानबाजी करती भीड़ को पीछे हटना पड़ा। जानिए हिन्दू कार्यकर्ताओं ने कैसे किया प्रतिकार?

बेटी के साथ रेप का बदला? पीड़ित पिता ने एक ही परिवार के 6 लोगों की लाश बिछा दी, 6 महीने के बच्चे को...

मृतकों के परिवार के जिस व्यक्ति पर रेप का आरोप है वह फरार है। पुलिस ने हत्या के आरोपित को हिरासत में ले लिया है।

थूको और उसी को चाटो… बिहार में दलित के साथ सवर्ण का अत्याचार: NDTV पत्रकार और साक्षी जोशी ने ऐसे फैलाई फेक न्यूज

सोशल मीडिया पर इस वीडियो के बारे में कहा जा रहा है कि बिहार में नीतीश कुमार के राज में एक दलित के साथ सवर्ण अत्याचार कर रहे।

जानी-मानी सिंगर की नाबालिग बेटी का 8 सालों तक यौन उत्पीड़न, 4 आरोपितों में से एक पादरी

हैदराबाद की एक नामी प्लेबैक सिंगर ने अपनी बेटी के यौन उत्पीड़न को लेकर चेन्नई में शिकायत दर्ज कराई है। चार आरोपितों में एक पादरी है।

पहले कमल के साथ चाकूबाजी, अगले दिन मुस्लिम इलाके में एक और हिंदू पर हमला: छबड़ा में गुर्जर थे निशाने पर

राजस्थान के छबड़ा में हिंसा क्यों? कमल के साथ फरीद, आबिद और समीर की चाकूबाजी के अगले दिन क्या हुआ? बैंसला ने ऑपइंडिया को सब कुछ बताया।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,216FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe