Saturday, May 18, 2024
Homeदेश-समाजझारखंड के मंत्री आलमगीर आलम को ED ने किया गिरफ्तार, PA के नौकर जहाँगीर...

झारखंड के मंत्री आलमगीर आलम को ED ने किया गिरफ्तार, PA के नौकर जहाँगीर के घर से मिले थे ₹35 करोड़: पूछताछ के बाद एजेंसी ने की कार्रवाई

झारखंड के ग्रामीण विकास विभाग में घूसखोरी और वसूली के इस खेल का लिंक जुड़ा है। 13 नवंबर 2019 की एक गिरफ्तारी से, जब एंटी करप्शन ब्यूरो ने ग्रामीण विकास विभाग के चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम के अंदर काम करने वाले जेई सुरेश प्रसाद वर्मी को 10 हजार की रिश्वत लेते दबोचा था। सुरेश वर्मा वीरेंद्र राम के ही मकान में जमशेदपुर में रहता था।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार (15 मई 2024) को झारखंड सरकार में मंत्री एवं कॉन्ग्रेस नेता आलमगीर आलम को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि कुछ दिन पहले आलमगीर के सचिव के नौकर के घर से 37 करोड़ रुपए से अधिक नकदी बरामद हुई थी। इसी मामले में ED ने पूछताछ के लिए उन्हें बुलाया था।

बता दें कि आलमगीर आलम से ED ने मंगलवार (14 मई 2024) को भी लगभग 10 घंटे तक पूछताछ की थी। आलमगीर आलम से सुबह 11 बजे से पूछताछ की जा रही थी। ED ने 12 मई को आलमगीर को तलब किया था। उन्हें 14 मई (मंगलवार) को राँची स्थित जोनल कार्यालय में एजेंसी के सामने पेश होने के लिए कहा गया था।

आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल और संजीव लाल के नौकर जहाँगीर आलम की गिरफ्तारी हो चुकी है। जहाँगीर आलम के कब्जे वाले फ्लैट से 32.5 करोड़ रुपए से ज्यादा की नकदी मिली थी। ये फ्लैट राँची में हरमू रोड के सर सैय्यद अपार्टमेंट में स्थित है। इसके अलावा बहुत सारा पैसा संजीव लाल के करीबी ठेकेदारों के ठिकानों से बरामद हुए, पूरी राशि करीब 38 करोड़ रुपए है।

झारखंड के ग्रामीण विकास विभाग में घूसखोरी और वसूली के इस खेल का लिंक जुड़ा है। 13 नवंबर 2019 की एक गिरफ्तारी से, जब एंटी करप्शन ब्यूरो ने ग्रामीण विकास विभाग के चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम के अंदर काम करने वाले जेई सुरेश प्रसाद वर्मी को 10 हजार की रिश्वत लेते दबोचा था। सुरेश वर्मा वीरेंद्र राम के ही मकान में जमशेदपुर में रहता था।

उसके घर पर 2.44 करोड़ कैश मिला था, जिसके बारे में सुरेश ने ही बताया था कि ये पैसे वीरेंद्र राम के हैं, जो उसके रिश्तेदार आलोक रंजन ने रखे थे। इसके बाद इस मामले की जाँच ईडी ने संभाल ली।ईडी की जाँच में पता चला कि ग्रामीण विकास विभाग और ग्रामीण कार्य विभाग में तगड़ा खेल चल रहा है। हर ठेके पर 3.2 प्रतिशत का कमीशन सेट है।

इसमें चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम के पास 0.3 प्रतिशत पैसा ही आता था, बाकी पैसा नेताओं, अधिकारियों और इंजीनियरों के गैंग में बँट जाता था। यहीं से आमलगीर आलम, संजीव लाल समेत अन्य की भूमिका की जाँच शुरू हो गई। आलमगीर आलम के खिलाफ ईडी अप्रैल 2022 से एक अन्य मामले में जाँच कर रही है, वो अवैध खनन से जुड़ा मामला था।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

रोफिकुल इस्लाम जैसे दलाल कराते हैं भारत में घुसपैठ, फिर भारतीय रेल में सवार हो फैल जाते हैं बांग्लादेशी-रोहिंग्या: 16 महीने में अकेले त्रिपुरा...

त्रिपुरा के अगरतला रेलवे स्टेशन से फिर बांग्लादेशी घुसपैठिए पकड़े गए। ये ट्रेन में सवार होकर चेन्नई जाने की फिराक में थे।

CM केजरीवाल के PA को जमानत नहीं, गिरफ्तारी से पहले ‘सेटिंग’ में लगा था विभव कुमार: जानिए स्वाति मालीवाल वाले से मारपीट में कितनी...

सीएम केजरीवाल के पीए विभव कुमार को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनकी अग्रिम जमानत की याचिका भी खारिज हो चुकी है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -